Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए एक नई पहल शुरू करने का फैसला किया है. अब उन सफल लोगों को अपने पुराने सरकारी स्कूलों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है. जिन्होंने वहीं से पढ़ाई कर जीवन में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. शिक्षा विभाग का मानना है कि पूर्व छात्रों के सहयोग से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बुनियादी सुविधाएं बेहतर हो सकती हैं.
सफल लोग करेंगे सहयोग
सरकार ऐसे डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी, व्यवसायी और अन्य सफल लोगों को प्रेरित करेगी कि वे अपने पुराने स्कूल को गोद लें लिया हैं. इसके तहत वे स्कूल में लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, खेल सामग्री, पेयजल, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास में सहयोग कर सकेंगे. इससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और उनमें आगे बढ़ने की प्रेरणा भी बढ़ेगी.
छात्रों को मिलेगा लाभ
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को होगा. सफल पूर्व छात्र समय-समय पर स्कूल जाकर छात्रों का मार्गदर्शन भी कर सकते हैं. इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपने भविष्य के लिए बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित होंगे.
निजी स्कूलों पर भी सख्ती
वहीं दूसरी ओर, बिहार सरकार निजी स्कूलों की मनमानी फीस और ड्रेस-किताब के नाम पर अभिभावकों पर डाले जा रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर भी सख्त नजर आ रही है. शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि अभिभावकों का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
सामाजिक भागीदारी की ओर बड़ा कदम
शिक्षा विभाग की यह पहल सरकारी स्कूलों में सामाजिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. यदि योजना सही तरीके से लागू हुई, तो इससे बिहार की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है.
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