Bihar News: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान बिहार के लिए बेहद खास घोषणाएं की. इनमें एक खास घोषणा पटना में शिप रिपेयर सेंटर स्थापित करना भी था. इसके निर्माण से बिहार में वाटर वे को बढ़ावा मिल सकेगा. जानकारी के मुताबिक, पटना के दीघा में जेपी सेतु और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बीच लगभग 300 करोड़ की लागत से शिप रिपेयर सेंटर बनाया जाएगा.
कब से शुरू हो सकता है निर्माण कार्य?
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) की माने तो, निर्माण कार्य अप्रैल महीने में ही शुरू किया जा सकता है. शिप रिपेयर सेंटर को लगभग 5 एकड़ की जमीन में बनाने की योजना है. सेंटर में एक साथ कई छोटे-बड़े शिप की रिपेयरिंग की जाएगी. साथ ही माल के स्टोरेज के लिए गोदाम भी बनाया जाएगा. वाटर वे के जरिए माल की ढुलाई हो सकेगी.
जानकारी के मुताबिक, पटना में गायघाट पर हाई-लो लेवल जेटी, गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं. इसके अलावा सात ऐसे कॉमर्शियल घाट हैं, जहां सुविधाओं का निर्माण जारी है. साथ ही अन्य घाटों को भी चिह्नित किया जा रहा है.
शिप रिपेयर सेंटर से क्या-क्या होगा फायदा?
- शिप रिपेयर सेंटर के बनने से रोजगार को बढ़ावा मिल सकेगा. इसके साथ ही युवाओं को ट्रेनिंग भी मिल सकेगी.
- स्पेयर पार्ट्स, होटल, ढाबा जैसे सपोर्टिंग बिजनेस भी डेवपल हो सकेंगे.
- शिप की रिपेयरिंग में समय के साथ-साथ खर्च में कमी आ सकेगी.
- बिहार की तरफ इंवेस्टर्स आकर्षित हो सकेंगे. इससे बिहार में इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिल सकेगा.
- बिहार में वाटर वे को बढ़ावा मिल सकेगा.
- टूरिज्म के लिए इस्तेमाल किए जा रहे शिप की संख्या में बढ़ोतरी हो सकेगी.
कब तक बनकर हो सकता है तैयार?
सरकार की तरफ से लक्ष्य तय किया गया है कि शिप रिपेयर सेंटर को 2027 तक बनाकर तैयार कर लिया जाए. अभी शिप की रिपेयरिंग के लिए उसे कोलकाता या फिर वाराणसी ले जाना पड़ता था. लेकिन अब पटना में ही रिपेयर हो सकेगा. बजट भाषण के दौरान पटना के साथ-साथ वाराणसी में भी शिप रिपेयर सेंटर निर्माण की घोषणा की गई थी.
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