टीकाकरण के शतप्रतिशत लक्ष्य की ओर बढ़ रहा बिहार

राज्य में टीकाकरण के शतप्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी 10323 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सप्ताह में तीन दिनों तक टीकाकरण किया जा रहा है.

राज्य सभी 10,323 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सप्ताह में तीन दिन टीकाकरण

शशिभूषण कुंवर, पटना

राज्य में टीकाकरण के शतप्रतिशत लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी 10323 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सप्ताह में तीन दिनों तक टीकाकरण किया जा रहा है. बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर सोमवार, मंगलवार और गुरुवार को सभी प्रकार के टीके दिये जा रहे हैं. इसमें बीसीजी का टीका, हेपेटाइटिस-बी, पोलियो , पेंटावैलेंट, रोटावायरस, जेइ, डीपीटी और टेटनस जैसे टीके शामिल हैं.

टीकाकरण में राज्य ने एक लंबा सफर तय किया है. राज्य में वर्ष 2005-06 में संपूर्ण टीकाकरण कवरेज 32.8 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 71 प्रतिशत पहुंच गया है. टीकाकरण की प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने राज्य के सभी जिलों में वर्ष 2018 में जिला प्रति रक्षण पदाधिकारियों की तैनाती की. शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण के लिए 865 एएनएम की नियुक्ति की गयी, जिससे टीकाकरण की गति में तेजी आयी. जिला मुख्यालय स्तर पर 10 मॉडल टीकाकरण केंद्र बनये गये , जबकि राज्य के सभी शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 234 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मॉडल टीकाकरण कॉर्नर स्थापित किये गये हैं. बच्चों के टीकाकरण के लिए साथ ही वैक्सीन की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया. वर्ष 2017 में वैक्सीन की उपलब्धता 83 प्रतिशत थी, जिसे वर्ष 2024 में बढ़ाकर 97.86 प्रतिशत कर दिया गया है. अब हर स्तर के अस्पतालों में टीकाकरण के लिए वैक्सीन उपलब्ध हैं. वर्ष 2017 में नौ जानलेवा बीमारियों जिनमें पोलियो, गलगोंटू, काली खांसी, टीबी, टेटनस, हिमोफिलिस एंफ्लुएंजा टाइप -बी (हिब), हेपेटाइटिस-बी और जापानी इंसेफ्लाइटिस से बचाव का टीका दिया जाता था. अब इसमें बच्चों को निमोनिया से बचाव का टीकाकरण भी शामिल कर दिया गया है. जनवरी 2019 से टीकाकरण में नौ माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को बचाव के लिए युद्ध स्तर पर खसरा-रूबैला टीकाकरण आरंभ किया गया. इसी वर्ष से डायरिया से बचाव के लिए रोटावायरस का नियमित टीकाकरण शुरू कर दिया गया है.

टीकाकरण (एनएफएचएस तीन,चार व पांच के आंकड़े)

संपूर्ण नियमित टीकाकरण

एनएफएचएस- तीन 33 प्रतिशत

एनएफएचएस- चार- 62 प्रतिशत

एनएफएचएस- 71 प्रतिशत

बीसीजी टीकाकरण

एनएफएचएस-तीन 65 प्रतिशत

एनएफएचएस-चार – 92 प्रतिशत

एनएफएचएस- पांच – 96 प्रतिशथ

पोलियो टीकाकरण

एनएफएचएस- तीन 82 प्रतिशत

एनएफएचएस- चार – 73 प्रतिशत

एनएफएचएस- पांच – 76 प्रतिशत

डीपीटी टीकाकरण

एनएफएचएस- तीन – 46 प्रतिशत

एनएफएचएस- चार – 80 प्रतिशत

एनएफएचएस- पांच – 85 प्रतिशत

मिजिल्स टीकाकरण

एनएफएचएस- तीन – 40 प्रतिशत

एनएफएचएस- चार – 79 प्रतिशत

एनएफएचएस- पांच – 86 प्रतिशत

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By Prabhat Khabar News Desk

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