बिहार की महिलाओं और बेटियों के लिए सरकार ने रोजगार से लेकर उच्च शिक्षा तक कई ऐलान किए हैं. सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ बेटियों को उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर है.
1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
जीविका और मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना जैसी योजनाओं के जरिए करीब 1 करोड़ महिलाओं को सीधे आर्थिक गतिविधियों और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार की ओर से महिलाओं को अलग-अलग स्वरोजगार और आय बढ़ाने वाली गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है.
सिलाई, मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं. इन अवसरों का दायरा और बढ़ाने की बात कही गई है.
हर साल 1,000 छात्राओं को मिलेगी फेलोशिप
उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में बेटियों को प्रोत्साहित करने के लिए बालिका पीएचडी फेलोशिप शुरू करने की घोषणा की गई है. इसके तहत हर साल 1,000 छात्राओं को वित्तीय सहायता देने का प्रावधान बताया गया है.
इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है.
महिलाओं के लिए बनेगा अलग विश्वविद्यालय
बिहार में महिलाओं को उच्च शिक्षा और रिसर्च के ज्यादा अवसर देने के लिए एक अलग महिला विश्वविद्यालय स्थापित करने की भी घोषणा की गई है. सरकार की इन घोषणाओं में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है.