Bihar News: बिहार पुलिस ने अपराध और अवैध कमाई पर बड़ा शिकंजा कसते हुए कार्रवाई तेज कर दी है. राज्यभर में अब तक 1433 ऐसे अपराधियों की पहचान की गई है, जिनकी संपत्ति अपराध से अर्जित होने की आशंका है. इनमें से 428 मामलों में अदालत को संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जबकि 4 अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का आदेश भी जारी हो गया है. यह जानकारी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी.
103 मामलों में चल रही संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
एडीजी ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने के लिए फिलहाल 103 मामलों में कार्रवाई जारी है. पुलिस खासकर शराब कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों से कमाई गई संपत्ति पर नजर रख रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि न तो अपराधियों की कोई जाति होती है और न ही पुलिस की.
गंभीर अपराधों में 33 हजार से ज्यादा गिरफ्तार
जनवरी से 15 मई 2026 के बीच बिहार पुलिस ने हत्या, लूट, डकैती, दुष्कर्म और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में 33,126 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही 676 लोगों के खिलाफ सीसीए (Criminal Control Act) लगाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है, जिनमें से 252 मामलों को मंजूरी भी मिल चुकी है. दो अपराधियों को अपने इलाके से बाहर रहने का आदेश दिया गया है.
अदालतों में सख्त कार्रवाई, हजारों को सजा
एडीजी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय की निगरानी में अदालतों में समय पर गवाह और साक्ष्य पेश किए जा रहे हैं, जिससे मामलों का तेजी से निपटारा हो रहा है. जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच अदालतों ने 52,567 मामलों में 70,624 लोगों को सजा सुनाई है. इनमें दो अपराधियों को फांसी और 453 को आजीवन कारावास की सजा मिली है.
पुलिस पर हमले और हिंसा के मामलों में भी कार्रवाई
राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इस दौरान सांप्रदायिक हिंसा के 57, पुलिस पर हमले के 1065, भीड़ हिंसा के 4 और हर्ष फायरिंग के 20 मामलों में कुल 1146 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
अपराध पर सख्ती का बड़ा संदेश
बिहार पुलिस की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त मुहिमों में से एक माना जा रहा है. लगातार गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती और सजा की कार्रवाई से अपराधियों पर दबाव बढ़ता दिख रहा है.
