क्या छिन जाएगी 3 विधायकों की कुर्सी? कांग्रेस ने थमाया नोटिस, जवाब का हो रहा इंतजार

Bihar Congress MLA: बिहार राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों के वोटिंग में शामिल नहीं होने से पार्टी को बड़ा झटका लगा. अब कांग्रेस उनके खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रही है, लेकिन हर विकल्प में जोखिम नजर आ रहा है. ऐसे में पार्टी के सामने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है.

Bihar Congress MLA: बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी मुश्किल में घिर गई है. चुनाव के दौरान पार्टी के तीन विधायक वोटिंग में शामिल ही नहीं हुए. इससे पूरा गणित बिगड़ गया और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को हार का सामना करना पड़ा. दूसरी तरफ, कम संख्या होने के बावजूद एनडीए ने अपने सभी उम्मीदवारों को जीत दिला दी.

विपक्षी एकता पर सवाल

इस पूरे मामले ने विपक्षी एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और कांग्रेस की छवि को भी नुकसान पहुंचा है. अब पार्टी अपने तीनों विधायकों मनोहर सिंह, सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा और मनोज विश्वास पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. तीनों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है और उनसे जवाब मांगा गया है.

इन विधायकों का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर वोटिंग से दूरी बनाई. उनका आरोप है कि उम्मीदवार का चयन सही तरीके से नहीं किया गया. इस फैसले में कांग्रेस नेतृत्व से राय नहीं ली गई. वे एनडीए को वोट नहीं दे सकते थे, लेकिन महागठबंधन के उम्मीदवार से भी सहमत नहीं थे, इसलिए वोट नहीं किया.

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सबसे बड़ा सवाल, क्या कदम उठाएगी कांग्रेस

अब सवाल ये है कि कांग्रेस इनके खिलाफ क्या कदम उठाएगी. पार्टी के पास दो रास्ते हैं. पहला, इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता खत्म कराने की कोशिश करना. दूसरा, उन्हें पार्टी से बाहर निकाल देना.

दोनों ही विकल्प आसान नहीं हैं. अगर पार्टी दल-बदल कानून के तहत सदस्यता रद्द कराने की कोशिश करती है, तो एक बड़ी तकनीकी दिक्कत सामने आती है. बताया जा रहा है कि पार्टी ने अभी तक अपना सचेतक नियुक्त नहीं किया था, जिसकी वजह से चुनाव के समय कोई व्हिप जारी नहीं हुआ. ऐसे में विधायकों पर नियम तोड़ने का आरोप लगाना मुश्किल हो सकता है.

दूसरा विकल्प है पार्टी से निकालना. लेकिन अगर ऐसा किया जाता है, तो कांग्रेस के पास सिर्फ तीन विधायक ही बचेंगे. अगर उन्हें निष्कासित किया जाएगा तो वो सत्ता पक्ष में शामिल होकर उसकी ताकत और बढ़ा सकते हैं.

कांग्रेस के सामने क्या चुनौती

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पार्टी जल्दबाजी में कोई कड़ा कदम उठाती है, तो नुकसान और बढ़ सकता है. फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को बचाना और बागी विधायकों पर सख्त कार्रवाई करना है. आने वाले दिनों में इस पर बड़ा फैसला हो सकता है.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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