अब खेलों में भी नंबर वन बनेगा बिहार, जानें सरकार का मेगा प्लान

Bihar Budget 2026: नीतीश सरकार ने बिहार बजट 2026 में खेल को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया है. आने वाले दिनों में बिहार केवल प्रतिभा देने वाला राज्य नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने वाला राज्य बनेगा.

Bihar Budget 2026: बिहार सरकार ने अपने बजट 2026 में खेल के लिए एक विजन पेश किया है. बजट में कहा गया है कि बिहार अब केवल प्रतिभा पैदा करने वाला राज्य नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने वाला केंद्र बनेगा. सरकार ने पंचायत से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलों को बढ़ावा देने के लिए ठोस रणनीति तैयार की है.

बिहार के छोटे कस्बे से निकलेंगे बड़े खिलाड़ी

राज्य की सभी 8053 ग्राम पंचायतों और 154 नगर पंचायतों में खेल क्लबों के गठन की मंजूरी दी गई है. युवाओं को अपने गांव में ही मैदान मिल सके, इसके लिए 5341 मैदानों को चुना गया है, जिनमें से 4849 का काम पूरा हो चुका है. मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत प्रखंड स्तर पर 257 स्टेडियमों का निर्माण पूरा होना यह दर्शाता है कि अब बिहार के छोटे कस्बों से भी बड़े खिलाड़ी निकलेंगे.

पटना के पुनपुन में बनेगा खेल हब

बजट में राजगीर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के संचालन का रास्ता साफ हो गया है. पटना के पुनपुन में 100 एकड़ जमीन पर एक विशाल खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए 574.33 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है. प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 13 जिलों में 477.80 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.

हॉकी प्रो लीग से नेशनल गेम्स तक बजट के जरिए सरकार ने अगले 10 वर्षों का एक विजन डॉक्यूमेंट भी पेश किया है. इसमें बिहार की मेजबानी का एक कैलेंडर तैयार किया गया है.

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आने वाले वर्षों में होने वाले आयोजन

2026: इसी वर्ष FIH हॉकी प्रो लीग का आयोजन

2028: नेशनल यूथ गेम्स की मेजबानी

2030: विश्व कप हॉकी और राष्ट्रमंडल (Commonwealth) खेलों का लक्ष्य

2034: राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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