Bihar Budget 2026: बिहार के बजट में अस्पतालों को लेकर खास एलान किया गया. वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने स्वास्थ्य के लिए 21 हजार 270 करोड़ रुपए खर्च करने का एलान किया. साथ ही जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने का एलान किया. बजट भाषण में बताया गया कि जिलों के अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी बनाने के साथ-साथ नई मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और पटना में IGIMS‑PMCH जैसे संस्थानों को वर्ल्ड‑क्लास भी बनाया जाएगा.
सरकार ने किया ये दावा
सरकार ने दावा किया कि SRS‑2023 के मुताबिक बिहार का मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु और 5 साल से कम बच्चों की मौत का आंकड़ा अब राष्ट्रीय औसत से बेहतर है. बजट में जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने का रोडमैप रखा गया है. यानी जिला स्तर पर ही कैंसर, हृदय, न्यूरो, किडनी जैसी जटिल बीमारियों के इलाज की आधुनिक सुविधा तैयार की जा रही है.
इन जिलों में बनेंगे नए मेडिकल कॉलेज
पटना में 1100 बेड के दो नए टावरों के साथ IGIMS और PMCH को वर्ल्ड‑क्लास हॉस्पिटल में बदलने की प्रक्रिया जारी है. कई जिलों जैसे नवगछिया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा और अन्य में नए सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज‑अस्पताल तैयार हो रहे हैं. जबकि प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी यानी PPP मॉडल पर विशेष कैंसर, हृदय और सुपर‑स्पेशलिटी हॉस्पिटल शुरू किए जा रहे हैं, ताकि गरीबों को भी सुपर‑स्पेशियलिटी इलाज सस्ती दर पर उपलब्ध हो सके.
1.7 करोड़ से ज्यादा परिवारों का हेल्थ कार्ड बनने का लक्ष्य
‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत लगभग 1.7 करोड़ से ज्यादा परिवारों का हेल्थ कार्ड बनने का लक्ष्य है, जिनके लिए 4 लाख से ज्यादा की वार्षिक स्वास्थ्य सुरक्षा दी जा रही है. ‘बच्चों के हृदय रोग, थैलसीमिया और रेयर डिज़ीज़ ट्रीटमेंट’ जैसी विशेष योजनाएं भी इस बजट में जारी रखने की घोषणा की गई है, जिससे हजारों गंभीर बीमार बच्चों को फ्री इलाज की सुविधा मिल रही है. कई जिलों में 100 से 400 बिस्तरों वाले नए अस्पताल और PPP मोड पर विशेष कैंसर‑कार्डियो हॉस्पिटल की योजनाएं भी इसी बजट का हिस्सा हैं.
