बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2022 का रिजल्ट घोषित हो गया है. इंटर की परीक्षा में बिहार के सभी टॉपरों की सफलता की कहनी लगभग एक जैसी है. बिहार इंटरमीडिएट की परीक्षा में दाउदनगर अशोक इंटर स्कूल के छात्र अर्जुन कुमार ने विज्ञान संकाय में 472 अंक ( 94.40%) प्राप्त किया है. दाउदनगर शहर के नालबंद टोली निवासी ठेकेदार लक्ष्मी व गृहिणी मरछी देवी के बेटे अर्जुन ने बताया कि कोरोना काल में स्कूल बंद होने के बाद उसने यू-ट्यूब पर पढ़ाई शुरू की. उसे लगा कि यू-ट्यूब से वह अपनी पढ़ाई पूरी कर सकता है. साथ ही विद्यालय के शिक्षकों का मार्गदर्शन प्राप्त किया. इस प्रकार उसने सफलता हासिल की. अर्जुन ने बताया कि उसका जीवन में डॉक्टर बन कर लोगों की सेवा करना लक्ष्य है. अर्जुन ने कहा कि विद्यार्थी एकाग्रचित्त होकर अपनी पढ़ाई करें, तो सफलता अवश्य मिलेगी. परीक्षा की चिंता नहीं करनी है, बल्कि अपने लक्ष्य को पाने का प्रयास करना है. परीक्षा में किसी प्रकार का तनाव नहीं लेना है.
न्यूरो सर्जन बनना चाहता है राज रंजन
एमएस कॉलेज का छात्र विज्ञान में राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त कर राज रंजन ने जिले का नाम रौशन किया है. राज रंजन को 471 अंक प्राप्त हुए हैं. राज रंजन न्यूरो सर्जन बनना चाहता है. उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रविचंद्र भूषण, माता रंजीता कुमारी, मामा नंदकिशोर व अमर किशोर को दिया है. वह कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है. रंजन की इस सफलता पर परिवार में जश्न का माहौल है. पिता रविचंद्र भूषण आर्मी में हैं और माता रंजीता कुमारी मध्य विद्यालय कोबेया हरसिद्धि में शिक्षिका है. रंजन ने बताया कि उसका सपना अस्पताल बनाना है, जहां सारी सुविधाएं होंगी और सप्ताह में दो दिन फ्री इलाज किया जायेगा.
किसान पुत्र संजीत ने किया जिले का नाम रोशन
जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत रहटा वार्ड नंबर आठ के संजीत कुमार ने विज्ञान में टॉप टेन में चौथे स्थान पर कुल 469 अंक प्राप्त किया है. संजीत कुमार को 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ. संजीत कुमार पटना में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है. टेलीफोन पर उसने बताया कि दसवीं में 500 में 493 अंक प्राप्त किया था. किसान पुत्र की सफलता से जिले के लोगों में काफी उत्साह है.
उसने बताया कि उसने पिछले दो वर्षों से लॉकडाउन के कारण अपनी पढ़ाई ऑनलाइन और यूट्यूब के माध्यम से की. संजीत कुमार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसे अपने बड़े भाई अंकित कुमार जो एनएमसीएच पटना में मेडिकल द्वितीय वर्ष के छात्र हैं से भी सहयोग प्राप्त होता रहा है. उन्होंने बताया कि मुझे आइआइटी करनी है और मेरा लक्ष्य है भारतीय सिविल सेवा को प्राप्त करना.
