Bihar Bhumi: बिहार के रजिस्ट्री ऑफिस में जाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने की जरूरत अब बुजुर्गों को नहीं पड़ेगी. अब घर बैठे ऑनलाइन ही यह सुविधा मिलेगी. पहले बुजुर्गों को मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ एप्लीकेशन देना पड़ता था. इस दौरान मैनुअल अंगूठा से लेकर गवाहों के साइन तक की जिम्मेदारी निबंधन अधिकारी की होती थी. कई बार रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर बुजुर्गों को लगाना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी. लेकिन अब उन्हें राहत मिल सकेगी.
क्या है जमीन रजिस्ट्री का पूरा प्रोसेस?
- 80 साल या इससे ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
- निर्धारित फीस और उम्र डालते ही जमीन रजिस्ट्री का विकल्प खुल जाएगा.
- इसके बाद आवेदन करने वाले को रजिस्ट्री का विकल्प चुनना होगा.
- इसके बाद डेट और टाइम खुद ही आवंटित हो जाएगा.
- इसके बाद समय पर रजिस्ट्री ऑफिस की टीम बुजुर्ग के घर पहुंचेगी और रजिस्ट्रेशन की आगे की प्रक्रिया पूरी करेंगे.
नए नियम से क्या-क्या होगा फायदा?
- बुजुर्गों को रजिस्ट्री ऑफिस जाने से मिलेगा छुटकारा
- जमीन रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल होगी
- जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी पर रोक लग सकेगी
- समय की बचत और तेज प्रक्रिया
- जमीन रजिस्ट्री के डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रहेंगे
- ऑनलाइन आवेदन से आसान होगी प्रक्रिया
बिहार सरकार की खास पहल
सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सरकार के डिजिटल ईज ऑफ लिविंग अभियान को लेकर यह पहल खास मानी जा रही है. जमीन रजिस्ट्री जैसी जटिल प्रक्रिया को सरल बनाकर आम नागरिकों का समय, पैसा और श्रम बचाने की कोशिश की जा रही है. आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या करीब 48 लाख से ज्यादा है, ऐसे में यह कदम लाखों परिवारों के लिए उपयोगी साबित हो सकेगी.
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