पोस्टर फाड़े गए, पिता को खोया पर हार नहीं मानी: Bihar के कलाकार का मुंबई में डंका; मराठी फिल्म में अकील अहमद बन छाएंगे Kumar Aryan

Actor Kumar Aryan Story: सुपौल के कुमार आर्यन ने 15 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद मुंबई में अपनी पहचान बनाई है. ओटीटी फिल्म ‘एजुकेशन द टेरर’ के बाद अब वे आगामी फिल्म ‘एनीवे’ में अकील अहमद के किरदार में नजर आएंगे. पढ़ें उनके संघर्ष और सफलता की पूरी कहानी.


Actor Kumar Aryan Story:
सुपौल जिले के गोविंदपुर गांव निवासी कुमार आर्यन ने मायानगरी मुंबई में अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. करीब 15 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद आर्यन की सफलता अब परदे पर साफ नजर आ रही है. उन्होंने फिल्म ‘एजुकेशन द टेरर’ जो इसी वर्ष ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है. फिल्म की शुरुआत ही आर्यन से होती है. जिसमें वह एक बेरोजगार लड़के रंजन का किरदार में नजर आए हैं. फिल्म का यह ओपनिंग सीन फिल्म के हर किरदार पर भारी पड़गया.

वर्तमान में वे अपनी नई आगामी फिल्म की तैयारियों में जुटे हैं. उन्होंने बताया कि मराठी फिल्म में मैं सेकंड लीड में नगर आऊंगा. मराठी फिल्म ‘एनीवे’ की शूटिंग कंप्लीट हो चुकी है जिसमें अभिनेता कुमार अकील अहमद के किरदार में नजर आएंगे जो इस वर्ष की लास्ट तक रिलीज होगी.

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15 साल के लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता

कुमार आर्यन ( Kumar Aryan) की यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली है. उन्होंने मुंबई की गलियों में करीब कई कई सालों तक संघर्ष किया है. इस दौरान उन्होंने कई छोटी-बड़ी भूमिकाएं निभाईं और अभिनय की बारीकियों को सीखा. डीडी नेशनल पर आने वाली हिंदी धारावाहिक पंचाली में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं जो वर्ष 2015 में आई थी. अभी बीते पिछले महीने 5 फरवरी 2026 को दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर लोकप्रिय शो फिल्मी कीड़ा में बतौर चीफ गेस्ट नजर आ आए हैं. बता दें कि, साल 2024 में उनके पिता का निधन हो गया. इस घटना ने अभिनेता कुमार आर्यन को अंदर से तोड़दिया. लेकिन इसके बाद भी अपने हौसले व पैशन को बुलंद करते हुए हार नहीं मानी.

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युवाओं के लिए बने प्रेरणा और क्षेत्र का मान बढ़ाया

अभिनेता कुमार कहते हैं अब गांव और समाज नहीं रहा क्योंकि गांव और समाज के लोगों में जलन और द्वेष की भावना बहुत ज्यादा है. मेरी फिल्म जब रिलीज हुई तो लोगों ने फिल्म के पोस्टर से मेरा चेहरा और गर्दन काट दिया. ऐसे समाज को हम अच्छा कैसे कह सकते हैं. फिल्मी दुनिया जितना दिखने में चकाचौंध से भरा है यह उसकी सच्चाई नहीं है. जो युवा अपना करियर इस फील्ड में बनाना चाहते हैं उन्हें बहुत ज्यादा धैर्य और साहस रखना पड़ेगा. जो भी आए पूरी तैयारी से हैं क्योंकि संघर्ष के बिना सफलता नहीं मिलेगी.

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लेखक के बारे में

By हिमांशु देव

सितंबर 2023 से पटना में प्रभात खबर से जुड़कर प्रिंट और डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. कला, साहित्य-संस्कृति, नगर निगम और स्मार्ट सिटी से जुड़ी खबरों पर प्रमुखता से काम किया है. महिला, युवा और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना प्राथमिकता में शामिल है. व्यक्तिगत तौर पर किताबें पढ़ना और नई जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है.

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