Beur Jail : राजधानी पटना के बेऊर केंद्रीय कारा में गुरुवार को बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की टीम ने औचक निरीक्षण कर जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान टीम ने कैदियों के रहने, खाने, सुरक्षा और कानूनी सहायता से जुड़ी व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की. पूरे निरीक्षण के बाद टीम ने जेल की व्यवस्था को संतोषजनक बताया. इस दौरान बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनी गईं और कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई.
जेल की व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच
निरीक्षण टीम में विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त सचिव एवं अपर जिला व सत्र न्यायाधीश अविनाश कुमार के साथ सहायक निबंधक अनुषा राज और शिया श्रुति शामिल थीं. टीम ने जेल परिसर के हर हिस्से का दौरा किया. सभी वार्डों में जाकर कैदियों की रहन-सहन की स्थिति, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं का निरीक्षण किया गया.
टीम ने खासतौर पर यह देखा कि बंदियों को मिलने वाली नि:शुल्क विधिक सहायता कितनी प्रभावी है. इसके साथ ही मुलाकाती व्यवस्था, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी, और जेल के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से जांच की गई. अधिकारियों ने यह भी परखा कि बंदियों को समय पर न्यायिक प्रक्रियाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं.
कैदियों से सीधी बातचीत कर जानी हकीकत
निरीक्षण के दौरान टीम ने कई बंदियों से सीधे बातचीत की. उनसे भोजन की गुणवत्ता, दैनिक सुविधाओं और अन्य समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई. बंदियों ने अपनी बात खुलकर रखी, जिसे टीम ने गंभीरता से सुना. इस प्रक्रिया से टीम को जमीनी हकीकत समझने में मदद मिली.
वहीं, जेल प्रशासन की ओर से काराधीक्षक राजीव कुमार ने टीम को पूरी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जेल में कैदियों के सुधार के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. इनमें शिक्षा, कौशल विकास और मानसिक सुधार से जुड़े प्रयास शामिल हैं, ताकि बंदी सजा पूरी करने के बाद समाज में बेहतर तरीके से वापसी कर सकें.
निरीक्षण के बाद जताया संतोष
पूरे निरीक्षण के बाद टीम ने जेल प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं पर संतोष जताया. अधिकारियों ने कहा कि कैदियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और सुधारात्मक कार्य भी जारी हैं. हालांकि, कुछ बिंदुओं पर सुधार की जरूरत को लेकर भी चर्चा की गई.
निरीक्षण के समापन पर टीम द्वारा जेल परिसर में पौधारोपण भी किया गया. इस मौके पर उपाधीक्षक सुधीर कुमार शर्मा, सहायक अधीक्षक प्रियतम प्रियदर्शी, राजीव रौशन और मधवी प्रिया सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. इस निरीक्षण को जेल प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है, जिससे व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
