संवाददाता, पटना बीपीएससी टीआरइ-4 की वैकेंसी नहीं आने से लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराजगी है. छात्र नेता दिलीप कुमार ने टीआरइ-4 अभ्यर्थियों के साथ बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आंदोलन का आह्वान किया. दिलीप कुमार ने कहा कि दो दिन पहले बीपीएससी द्वारा वार्षिक कैलेंडर जारी किया गया है लेकिन उसमें टीआरइ-4 का कोई जिक्र नहीं है. इससे लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों को निराशा हुई है. लाखों शिक्षक अभ्यर्थी टीआरइ-4 के अति शीघ्र विज्ञापन के लिए अब 16 फरवरी को पटना कॉलेज से आंदोलन करेंगे और विधानसभा मार्च निकाल विधानसभा का घेराव करेंगे. छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि टीआरइ-4 के लाखों अभ्यर्थी दो वर्षों से वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं. पिछले एक वर्ष से शिक्षा मंत्री के द्वारा कहा गया कि 10-15 दिनों में वैकेंसी आ जायेगी. चुनाव से पहले और चुनाव के दौरान भी कहा गया कि टीआरइ-4 का विज्ञापन जल्द जारी होगा. पिछले एक साल से कभी एक लाख बीस हजार तो कभी एक लाख, कभी नब्बे हजार तो कभी अस्सी हजार सीटों पर टीआरइ-4 की वैकेंसी आने की बात सरकार के द्वारा कही जा रही थी लेकिन अभी तक वैकेंसी नहीं आयी है. इसीलिए अब हमलोग आंदोलन के लिए मजबूर हैं. जनवरी के प्रारंभ में भी शिक्षा मंत्री द्वारा जनवरी अंत तक विज्ञापन जारी होने की बात कही गयी, लेकिन अभी तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ है और बीपीएससी द्वारा जारी किये गये कैलेंडर में टीआरइ-4 का कोई जिक्र नहीं है. छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि बार-बार टीआरइ-4 अभ्यर्थियों को गुमराह किया गया. विज्ञापन के इंतजार में हजारों अभ्यर्थियों की उम्र समाप्त होती जा रही है. अब आंदोलन ही एक रास्ता बचा है. इसीलिए मजबूर होकर सभी टीआरइ-4 अभ्यर्थियों द्वारा 16 फरवरी को आंदोलन किया जायेगा. छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह है कि लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ न्याय करते हुए सभी रिक्त पदों पर वादे के अनुसार टीआरइ-4 का विज्ञापन अति शीघ्र जारी करवा दीजिए. छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि इस बार के आंदोलन में अभी तक के आंदोलनों से कई गुणा अधिक भीड़ जुटने की संभावना है.
टीआरइ-4 के विज्ञापन के लिए 16 को विधानसभा मार्च
बीपीएससी टीआरइ-4 की वैकेंसी नहीं आने से लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों में नाराजगी है. छात्र नेता दिलीप कुमार ने टीआरइ-4 अभ्यर्थियों के साथ बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आंदोलन का आह्वान किया.
