राज्य में 2720 आरा मिलों को चलाने की मिली मंजूरी

राज्य में 2720 आरा मिलों को चलाने की पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने मंजूरी दी है. इनके माध्यम से विभाग से प्रतिबंधित पेड़ों की चिराई इन आरा मिलों में नहीं होगी.

संवाददाता, पटना राज्य में 2720 आरा मिलों को चलाने की पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने मंजूरी दी है. इनके माध्यम से विभाग से प्रतिबंधित पेड़ों की चिराई इन आरा मिलों में नहीं होगी. केवल विभाग की गाइडलाइन के अनुसार चयनित पेड़ों की कटाई व चिराई होगी. इसका मकसद लकड़ी के फर्नीचर बनाना और लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना है. साथ ही आरा मिलों को मंजूरी देने से राज्य सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी. सूत्रों के अनुसार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सूचना मिली थी कि अवैध आरा मिलों के माध्यम से कीमती पेड़ों की अवैध तरीके से चिराई हो रही है. इसका इस्तेमाल फर्नीचर के रूप में किया जा रहा है. विभाग ने कई साल से नये आरा मिलों की मंजूरी देना बंद कर दिया था और पुराने आरा मिलों का नवीकरण नहीं किया जा रहा था. दूसरी तरफ विभाग में पुराने आरा मिल मालिकों ने अपना लाइसेंस नवीकरण के लिए आवेदन दिया था. साथ ही नये आरा मिलों को खोलने के लिए भी लाइसेंस के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे. विभाग ने आरा मिलों को मंजूरी देने और लाइसेंस जारी करने के लिए पटना हाइकोर्ट के 1995 के एक आदेश को आधार बनाया. इसी आधार पर विभाग ने आरा मिलों के लिए वरीयता सूची बनाकर उसे जारी किया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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