बियाडा के भूखंड का आवंटन अब नीलामी से

बियाडा के मीटिंग हॉल में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला. 36 लाख... 36 लाख एक... 55, 56, 62... और अंत में बोली लगी 65 लाख की. यह दृश्य बियाडा की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी (पीसीसी) की बैठक का था, जहां एक ही औद्योगिक भूखंड हासिल करने के लिए दो कंपनियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली.

पटना. बियाडा के मीटिंग हॉल में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिला. 36 लाख… 36 लाख एक… 55, 56, 62… और अंत में बोली लगी 65 लाख की. यह दृश्य बियाडा की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमेटी (पीसीसी) की बैठक का था, जहां एक ही औद्योगिक भूखंड हासिल करने के लिए दो कंपनियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. नीलामी का यह यह दृश्य फारबिसगंज के औद्योगिक उपयोग की भूमि की लगायी गयी नीलामी का था. बियाडा के इतिहास में पहली बार भूखंड आवंटन के लिए कंपनियों के बीच बोली लगी. दरअसल यहां एक औद्योगिक भूखंड हासिल करने के लिए दो कंपनियों एमएस मंगल मूर्ति ट्रेडर्स और मेसर्स शाकिर एंटरप्राइजेज ने पूरा जोर लगा दिया. बियाडा और आइडा के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि भूमि आवंटन की यह प्रक्रिया बिहार में औद्योगिक विकास के प्रति हमारी सोच में एक परिवर्तनकारी बदलाव का संकेत है. जहां पहले हमें निवेशकों को बुलाना पड़ता था, आज वे खुद आगे आ रहे हैं. बियाडा का पहला लाइव नीलामी मॉडल सफल रहा है. यह प्रक्रिया पारदर्शितापूर्ण रही.

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By RAKESH RANJAN

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