90 दिनों के बाद कोर्ट जाकर भरना होगा चालान

राज्यभर में यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों का ऑनलाइन चालान कटने लगा हैं, जिसे 90 दिनों के भीतर भरना है.

प्रह्लाद कुमार, पटना राज्यभर में यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों का ऑनलाइन चालान कटने लगा हैं, जिसे 90 दिनों के भीतर भरना है. ऐसा नहीं करने पर निजी वाहनों का प्रदूषण और इंश्योरेंस नहीं बन पाता है. वहीं, कामर्शियल वाहनों का परमिट, प्रदूषण , इंश्यारेंस सहित कई पेपर के रिन्यूवल पर रोक लगा दी जाती है. बावजूद इसके राज्य में सात हजार से भी अधिक ऐसे वाहन चालक हैं. जिन्होंने जुर्माना नहीं भरा है. परिवहन विभाग ऐसे चालकों पर अब और सख्ती करते हुए यूपी की तर्ज पर बिहार में 90 दिनों के भीतर जुर्माना नहीं भरने पर सेंड टू कोर्ट का प्रावधान लाने जा रही है. इसके बाद 90 दिनों के बाद जुर्माना भरने के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा. वाहन चालक किसी भी माध्यम से ऑनलाइन जुर्माना नहीं भर पायेंगे. इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये यातायात उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विभिन्न आठ प्रकार के यातायात नियमों के उल्लंघन करने पर ई-चालान काटा जा रहा है.बिना हेलमेट-सीटबेल्ट,ओवर स्पीडिंग, स्टॉप लाइन वॉयलेशन, रॉग साइड ड्राइविंग, टिपल राइडिंग, वाहन चलाते मोबाइल पर बात और ट्रैफिक सिग्नल का उल्लंघन करने वाले चालकों का इ चालान विशेष रुप से काटा जा रहा है. परिवहन विभाग के मुताबिक वर्ष 2014 से 2025 तक कुल लगभग 24 लाख वाहन मालिकों ने अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट नहीं किया है. विभाग ने इन सभी वाहनों पर सख्ती करने के लिए सभी डीटीओ को आदेश भेजा है. मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए आधार से लिंकड मोबाइल नंबर देना होगा. अपडेट कराने की सुविधा परिवहन सेवा पोर्टल पर उपलब्ध है.नंबर अपडेट नहीं होने की स्थिति में संबंधित वाहन का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट भी नहीं बना सकेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >