मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के शताब्दी समारोह का किया उद्घाटन संवाददाता, पटना बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के शताब्दी समारोह को गुरुवार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 के चुनाव के पहले मुझे लोगों ने बताया कि वर्ष 1989 में भागलपुर में दंगे हुए थे, लेकिन उस समय और बाद की सरकार ने इसकी सही ढंग से जांच नहीं करायी. जैसे ही नवंबर, 2005 में हमारी सरकार बनी, तो हमलोगों ने इसकी गहन जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की और दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिया. दंगे से प्रभावित परिवारों को पेंशन के रूप में मदद दी जा रही है. वैसी मुस्लिम महिलाएं जो पति के छोड़ने के बाद काफी दिक्कत में रहती हैं, उन मुस्लिम परित्यक्ता व तलाकशुदा महिलाओं को रोजगार देने के लिए वर्ष 2007 से 10 हजार रुपये की दर से सहायता दी गयी. इसे अब बढ़ाकर 25 हजार किया गया है. मुस्लिम वर्ग की छात्र और छात्राओं की पढ़ाई में मदद के लिए सब तरह से काम किया जा रहा है. इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के द्वारा कई सारी योजनाएं चलायी जा रही हैं. इस अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट 2004-05 में मात्र तीन करोड़ 54 लाख रुपये था , जो अब बढ़कर 1080 करोड़ रुपये हो गया है. साथ ही मुस्लिम वर्ग के युवक-युवतियों को रोजगार शुरू करने के लिए कई तरह से मदद दी जा रही है. उन्होंने कहा कि हमने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है. चाहे हिंंदू हों, मुस्लिम हों, अपर कास्ट हों, पिछड़ा हों, अतिपिछड़ा हों, दलित हों, महादलित हों सभी के लिए काम किया गया है. सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है. उन्होंने कहा कि हाल ही में सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 कर दिया गया है, इससे काफी संख्या में लोगों को फायदा हुआ है. वर्ष 2018 में सभी घरों में बिजली दे दी गयी. शुरू से ही सस्ती दरों पर बिजली दी जा रही है. अब राज्य के लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त दी जा रही है.
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