निर्वाचक सूची से आधार को जोड़ने व प्रमाणीकरण के लिए स्वैच्छिक आधार पर निर्वाचकों से आधार डाटा के संग्रहण के लिए पटना जिले में 21 अगस्त रविवार को विशेष कैंप का आयोजन किया जायेगा. इस तिथि को सभी मतदान केंद्र – स्तरीय पदाधिकारी या बीएलओ अपने-अपने मतदान केंद्र क्षेत्र में घर – घर भ्रमण कर गरूड़ ऐप के माध्यम से निर्वाचकों का आधार संग्रहण व प्रमाणीकरण का कार्य करेंगे. विशेष कैंप का आयोजन सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक किया जायेगा.
आधार की गोपनीयता बरकरार रखी जायेगी
पटना के डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर इस अभियान की सफलता और मॉनीटरिंग के लिए संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (इआरओ) व सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एइआरओ) द्वारा प्रति 10 मतदान केंद्र पर एक पर्यवेक्षक को प्रतिनियुक्त किया गया है. इपिक-आधार लिंकिंग को लेकर डीएम ने कहा कि आधार की गोपनीयता बरकरार रखी जायेगी. इस कार्यक्रम का उद्देश्य निर्वाचकों की पहचान स्थापित करना और निर्वाचक सूची में मौजूद नामों को अधि प्रमाणित करना है.
युवा मतदाताओं के लिए यह सुनहरा मौका
डीएम ने कहा कि नये निर्वाचकों, विशेषकर युवा मतदाताओं के लिए यह सुनहरा मौका है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 17 वर्ष से ज्यादा के युवाओं के लिए अग्रिम आवेदन की सुविधा शुरू कर दी गयी है. एक अक्तूबर 2022 को जिनकी आयु 18 वर्ष पूरी हो रही हो वे भी अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं.
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मतदाता बनने के लिए अब वर्ष में चार बार मिलेगा मौका
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता के पंजीकरण के लिए चार अर्हता तिथियां निर्धारित की गयी हैं. जो प्रत्येक वर्ष एक जनवरी, एक अप्रैल, एक जुलाई व एक अक्तूबर होगी. नये प्रावधानों के अनुसार अब मतदाताओं को वर्ष में चार बार मतदाता सूची में नाम शामिल करने का मौका मिलेगा. जिस तिमाही में उनकी आयु 18 वर्ष पूरी हो जायेगी. उनका नाम मतदाता सूची में शामिल हो जायेगा.
