JDU-RJD के 3 विधायक BJP में शामिल

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी है. इसी कड़ी में शनिवार को जदयू-राजद के तीन विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय की उपस्थिति में आज नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री रह चुकी रेणु कुशवाहा, जदयू के ही एक […]

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी है. इसी कड़ी में शनिवार को जदयू-राजद के तीन विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय की उपस्थिति में आज नीतीश सरकार में उद्योग मंत्री रह चुकी रेणु कुशवाहा, जदयू के ही एक अन्य विधायक डॉ सुनील कुमार एवं राजद विधायक बृजिकशोर सिंह को उनके सैकड़ों समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल किया गया. गौर हो कि हाल ही में जदयू के कई विधायकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है. लेकिन पहली बार राजद का कोई विधायक भाजपा में शामिल हुआ.

पिछले महीने इस्लामपुर से जदयू विधायक राजीव रंजन भाजपा में शामिल हुए थे. इसके बाद जदयू के चार बागी विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, पूर्व मंत्री दिनेश प्रसाद कुशवाहा, सुरेश चंचल और राजेश्वर राज भाजपा में शामिल हुए थे. इसके बाद आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने आज रेणु कुशवाहा, डॉ. सुनील कुमार और बृज किशोर सिंह को पार्टी की सदस्यता प्रदान कर इन्हें शामिल कराया. इस मौके पर भाजपा के अन्य नेता भी मौजूद थे. मालूम हो कि पूर्व मंत्री रेणु कुशवाहा के पति विजय सिंह लोकसभा चुनाव से पहले जदयू छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. बाद में वह मधेपुरा संसदीय सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव भी लड़े थे. रेणु कुशवाहा लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के मंच पर भी गयी थी, लेकिन पति के चुनाव हार जाने के बाद वह जदयू में ही रह गयी थी.

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने स्वाभिमान रैली को सरकारी रैली बताते हुए जमकर नीतीश कुमार व लालू प्रसाद पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पटना के जिलाधिकारी सहित कई अधिकारी पार्टी कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी सत्ता के दबाव में काम न करें. उन्होंने दावा किया कि स्वाभिमान रैली से बेहतर भागलपुर की परिवर्तन रैली होगी. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने बीडीओ सहित अन्य सरकारी पदाधिकारियों के जरिए रैली की व्यवस्था की है. अधिकारियों को वो धमकी दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर मंत्री के मोबाइल फोन की जांच हो कि एक सप्ताह के दौरान उन्होंने कितने बीडीओ को फोन किया तो सारी बातें सामने आ जाएंगी.

इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा क ल पेश किये गये विजन डाक्यूमेंट को कंफ्यूजन डाक्यूमेंट बताया. उन्होंने कहा कि दस साल में अगर इनको छात्र, किसान, नौजवान, महिला व आम लोगों के भविष्य का ख्याल नहीं आया तो फिर वो किस बात के मुख्यमंत्री थे. दस साल तो वो उनके भविष्य के प्रति कन्फ्यूज रहे. अखबारों में छप रहे विज्ञापन पर उन्होंने कहा कि यह जनता के पैसे का दुरूपयोग हो रहा है. यह सरकार के कार्यक्रम का विज्ञापन नहीं है. यह विरोध का विज्ञापन है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक कारणों से वे बिहार पैकेज का विरोध कर रहे हैं.

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