पटना : पटना विश्वविद्यालय के दूर शिक्षा निदेशालय (डीडीइ) का स्टडी मेटेरियल अपडेट नहीं है और काफी पुराना है. वर्तमान में क्लास कर रहे छात्रों को जो मेटेरियल मिला है, वह वर्तमान समय के कोर्स के अनुसार अपडेट नहीं है और कई तरह के सुधारों की भी आवश्यकता है, जबकि कोर्स में काफी बदलाव आ चुका है.
जानकारी के अनुसार दस वर्ष से भी अधिक समय से जो स्टडी मेटेरियल छप रहे थे, वही आज भी छप रहे हैं और छात्रों में बांटे जा रहे हैं. छात्रों को वर्तमान सिलेबस के अनुसार बाहर से किताबें खरीद कर पढ़ाई करनी पड़ रही है.
नामांकन लेने वाले छात्रों को नि:शुल्क मिलते हैं स्टडी मेटेरियल
स्टडी मेटेरियल पुराना है, लेकिन उसको अपडेट करने की दिशा में विश्वविद्यालय काम कर रहा है. अब डिस्टेंस एजुकेशन में भी सीबीसीएस लागू की जानी है. जैसे ही रेगुलर कोर्स में यह लागू हो जाता है, उसके बाद इसे डिस्टेंस मोड के एजुकेशन में भी लागू किया जायेगा. उसके अनुसार स्टडी मेटेरियल अपडेट होंगे और छात्रों को दिये जायेंगे.
कर्नल मनोज मिश्र, रजिस्ट्रार, पीयू
चली गयी थी पीजी की मान्यता
पटना विश्वविद्यालय में स्टडी मेटेरियल बेहतर नहीं होने की वजह से ही पीजी की मान्यता चली गयी थी, जिसका आज तक रिन्यूअल नहीं हो सका है. यूजी की मान्यता बरकरार रखने के लिए भी यह जरूरी है कि स्टडी मेटेरियल अपग्रेड हो. दूसरी तरफ दूसरे डिस्टेंस मोड के यूनिवर्सिटी स्टडी मेटेरियल पर लगातार काम कर रहे हैं और उसे अपडेट करते रहते हैं.
नालंदा खुला विश्वविद्यालय में इसको लेकर लगातार वर्कशॉप चलते रहते हैं और कई विशेषज्ञों की टीम है जो इस दिशा में काम करती रहती है. लेकिन पीयू में यह सब नहीं हो रहा. इग्नू का स्टडी मेटेरियल तो इतना समृद्ध है कि उसे आइएएस या बीपीएससी, नेट आदि की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी पढ़ाई के लिए खोजते रहते हैं.
