पटना : विवि में शिक्षकों एवं कर्मियों के आयकर रिबेट का मामला उलझ गया है. इस मसले पर शिक्षा विभाग और राजभवन सचिवालय ने आयकर विभाग और राज्य सरकार के वित्त विभाग से राय लेने का फैसला लिया है. बुधवार को राजभवन में विभिन्न विश्वविद्यालयों से जुड़े विभिन्न मसलों पर करीब तीन घंटे मैराथन बैठक हुई.
इसमें खासतौर पर विश्वविद्यालयों में अायकर के दायरे में आने वाले सभी कर्मचारियों को दी जाने वाली आयकर छूट पर चर्चा हुई. दरअसल आयकर विभाग ने इस छूट को लेकर एक पत्र जारी किया है. पत्र में आयकर पर मिलने वाली छूट पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ऐसे कैसे हो सकता है कि एक व्यक्ति कर में छूट भी ले और बचत खाते का निर्धारित ब्याज भी ले. हालांकि इस मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया. बैठक में दो टूक कहा गया कि वर्तमान सिस्टम में सुधार जरूरी है.
बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में वित्त और आयकर विभाग के अधिकारियों की राय लेने को कहा. इस संबंध में एक अहम बैठक संभवत: अगले हफ्ते बुलायी गयी है. बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव बृजेश मेहरोत्रा, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन और विशेष सचिव सतीश चंद्र झा मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
बैठक में विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को दिये जाने वाले सातवें वेतमान एरियर कैलकुलेशन में आ रही दिक्कताें के समाधान के लिए कहा गया.
खासतौर पर एलएनएमयू के रवैये पर अफसरों ने नाराजगी जाहिर की. चौथे चरण की अंगीभूत कालेजों को लेकर एसबी सिन्हा आयोग की रिपोर्ट पर अमल के लिए शिक्षा विभाग में सेल खुलेगा. तीन माह में इसका समाधान किये जाने के निर्देश दिये गये.
राजभवन में चली तीन घंटे बैठक
26 के बाद जारी होगा विवि शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन : विवि में करीब आठ हजार सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति को लेकर इसी माह 26 के बाद किसी भी समय विज्ञापन जारी हो जायेगा.
बैठक में मौजूद शीर्ष अफसरों ने विभिन्न विश्वविद्यालय के कुल सचिवों और फाइनेंस अफसरों से सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के संबंध में जानकारी ली. विवि को नियुक्तियों से जुड़े रोस्टर क्लियर करने को कहा गया. अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने कहा कि रोस्टर क्लियरेंस की जानकारी के लिए विश्वविद्यालयों के संबंधित अफसरों को ट्रेनिंग दिलायी जायेगी.
बैठक में विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों से कहा गया है कि वह अपनी रिक्तियों को सौंप दे, ताकि औपचारिकता पूरी कर उन्हें विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेजा जा सके. बैठक में कोर्ट केस के मामलों के समाधान की दिशा में जरूरी दिशा निर्देश दिये गये. बैठक में शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ रेखा कुमारी, उप निदेशक अजीत कुमार आदि अफसर भी मौजूद रहे.
