पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य भर में आरओ प्रोसेसिंग प्लांट द्वारा भूजल के दुरुपयोग करने पर सख्त कार्रवाइ होगी.
सोमवार को लोक संवाद में विभिन्न विभागों को लेकर 10 आम लोगों के सुझाव लेने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में पानी के उपयोग के बाद उसका सदुपयोग किया जायेगा. सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से सिंचाई के उपयोग के काम में लाने के लिए कदम उठाये जायेंगे.
उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत किये जाने वाले 11 कार्यों में सात जल संरक्षण के उपाय से ही संबंधित हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों में जाम से मुक्ति के लिए आरओबी बनाया जा रहा है. बुद्ध स्मृति पार्क के पास मल्टी लेवल पार्किंग की नि:शुल्क व्यवस्था की गयी है. शहरों में आबादी बढ़ रही है, लोगों की आमदनी बढ़ रही है. प्रदूषण की समस्या कम करने के लिए भी सरकार के स्तर पर कई काम किये जा रहे हैं.
मुुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अंदर और बाहर काम करने वाले मजदूरों की दुर्घटना के बाद सरकार हर संभव मदद करती है. स्थानीय स्तर पर सहयोग करके मदद की जाती है. केंद्र सरकार भी कई योजनाएं चला रही हैं, जिसके लिए लोगों को जागरूक करने की जरुरत है. उन्होंने कहा कि बिहार राज्य लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लोगों की शिकायतों के निदान के लिए बनाया गया है. हमने यात्रा के दौरान लोगों को प्रेरित भी किया है और इसकी प्रगति के लिए सभी जिलों में समीक्षा बैठक की है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत हमने लोगों के बीच यह बात रखी है कि सौर ऊर्जा ही अक्षय ऊर्जा है. तालाबों में नीचे मछली और ऊपर बिजली के लिए काम किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पटना के अलावा राज्य के अन्य बड़े शहरों में इन्क्यूवेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिये. इस कार्यक्रम में भागलपुर के दीपक कुमार झा, रविकांत घोष और अजय कुमार सिंह, पटना के जेएन लाल दास, छपरा के सौरभ सुमन, मधुबनी के नीतीश रंजन, पटना के सुबोध कुमार,कुंदन कुमार सिन्हा और मनोज कुमार सिंह व कटिहार के इरशाद मंसूरी ने अपनी बातें रखीं.
