पटना : सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारियों के वेतन की विसंगतियों को जल्द-से-जल्द दूर किया जायेगा. उनकी अन्य मांगों पर भी उचित कार्रवाई की जायेगी. उक्त बातें गुरुवार को सहकारिता मंत्री राणा रणधीर ने तारामंडल सभागार में कहीं.
वे बिहार राज्य सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारी संघ के 40वें वार्षिक राज्यस्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि सहकारी अंकेक्षण का पद काफी महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इस पद पर अनुभवी लोगों को ही आना चाहिए. पैक्स को मजबूत बनाने में सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारियों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. किसानों को सबल बनाना है तो पैक्स को भी मजबूत करना होगा. उन्होंने अंकेक्षण के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि यह सभी काम के लिए आवश्यक है.
इससे कार्य का आकलन होता है. उन्होंने सभागार में मौजूद सभी से अपील की कि वे कम से कम एक पेड़ को लगाये, क्योंकि इससे वातावरण में शुद्धता आती है. संघ के महामंत्री अभय कुमार वर्मा ने सहकारी अंकेक्षण पदाधिकारियों की समस्याओं व मांगों से सहकारिता मंत्री को अवगत कराया. श्री वर्मा ने कहा कि अंकेक्षण संवर्ग को डिमर्ज करते हुए अंकेक्षक का पद सृजित किया गया. परंतु न तो शैक्षणिक योग्यता में बदलाव हुआ और न ही नियुक्ति प्रक्रिया बदली गयी. इसके बावजूद वेतनमान घटा दिया गया. मौके पर भोरिक यादव, कौशल किशोर, अरविंद कुमार सिंह, प्रदीप कुमार आदि मौजूद थे.
