पटना : जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह राज्यसभा में पार्टी संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह ने कहा है कि पहले 15 साल बुरा हाल का नारा लगता था.अब हमारा नारा 15 साल बेमिसाल है. गुरुवार को राजगीर में दो दिवसीय जदयू मास्टर ट्रेनरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण शिविर में अर्जित अनुभव को वे बिहार के सभी 243 विधानसभाओं के कार्यकर्ताओं तक पहुंचायेंगे.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सामाजिक क्रांति को जन-जन तक पहुंचाना है. राजगीर कन्वेंशन सेंटर में संपन्न सम्मेलन में आरसीपी सिंह ने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार ने समाज के सभी उपेक्षित तबकों को मुख्य धारा में लाने का काम किया है.
बिहार देश और दुनिया के सामने उदाहरण बना है कि कैसे कोई नेतृत्वकर्ता अपने विजन और दृढ़ इच्छाशक्ति से इतने बड़े प्रदेश का कायाकल्प कर सकता है. उन्होंने पूरे विश्वास से कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए 2020 का चुनाव अब तक के सबसे बड़े फासले से जीतेगा.
प्रशिक्षक के रूप में ये हुए शामिल : विधान पार्षद प्रो रामवचन राय, ललन सर्राफ, प्रो रणवीर नंदन, प्रो युनूस हकीम, परमहंस कुमार, प्रगति मेहता, रामगुलाम राम, विद्यानंद विकल और कन्हैया सिंह प्रशिक्षक के रूप में शामिल हुए. जदयू प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील कुमार की अध्यक्षता में इस शिविर में राष्ट्रीय सचिव रवींद्र सिंह, प्रदेश महासचिव डॉ नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, चंदन कुमार सिंह, डॉ सुहेली मेहता आदि मौजूद रहे.
जदयू का राजगीर प्रशिक्षण शिविर
अतिपिछड़ों के एकमात्र नेता नीतीश कुमार
पार्टी के वरिष्ठ नेता मंगनीलाल मंडल ने कहा कि नीतीश कुमार से पहले के नेताओं ने केवल सामाजिक न्याय का ढोल पीटा. नीतीश ने अतिपिछड़ा समाज को आरक्षण देकर बिहार के सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक परिवर्तन का हिस्सा बनाया. वे अतिपिछड़ों के एकमात्र नेता हैं.
वहीं, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती थी. 2005 से पहले 118 नरंसहारों वाले बिहार में विभिन्न सामाजिक तबकों में तनाव पैदा किये बिना सुशासन कायम केवल नीतीश कुमार ही कर सकते थे. न्याय के साथ विकास को सच्चे अर्थों में परिभाषित करके दिखाया है.
