तीन में एक सबमरसिबुल लगा, दो का काम ठेकेदार ने छोड़ा
पटना : पटना नगर निगम का वार्ड संख्या 9 वीआइपी इलाका है. इसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों, विधायकों व अधिकारियों के सरकारी आवास हैं. इस इलाके में कौशल नगर व जगजीवन नगर में रहनेवाले लोगों को पीने के पानी की समस्या है. पाइप से जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है.
बोरिंग पर ही लोग निर्भर हैं. चितकोहरा पुल के नीचे जगजीवन नगर के पास एक बहुत पुराना पेयजल का पाइप है, जो जर्जर हो चुका है. उससे गंदा पानी निकलता है. स्ट्रैंड रोड में लगभग एक हजार की आबादी को पानी मुहैया कराने के लिए तीन सबमरसिबुल में एक का काम हुआ है. दो का काम ठेकेदार ने छोड़ दिया है.
बड़े नाले पर ढक्कन नहीं होने से खतरा के साथ बीमारी फैलने की आशंका रहती है. मच्छर का प्रकोप अधिक रहता है. बड़ा नाला हार्डिंग रोड, सचिवालय होते हुए सर्पेंटाइन नाले में मिलता है.
अब मिल रहा अस्थायी आवासीय प्रमाणपत्र : 1975 की बाढ़ में बेघर हुए लोगों को कौशल नगर में स्थायी रूप से बसाया गया था. लोगों को स्थायी पता का आवासीय प्रमाणपत्र मिलता था. अब अस्थायी पता का आवासीय प्रमाणपत्र मिलने से लोगों में नाराजगी है. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर बेघर लोगों को यहां घर मिला था. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र ने इसका उद्घाटन किया था.
बड़े नाले पर ढक्कन नहीं होने से खतरे के साथ बीमारी फैलने की भी है आशंका
कौशलनगर में 15
हजार की आबादी सहित स्लम एरिया में रहनेवाले लोगों के लिए जलापूर्ति व्यवस्था पर जोर है. 37 लाख की योजना पर काम होना है. नाला, रोड, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए डेढ़ करोड़ का एस्टिमेट दिया गया है. प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार है.
इस इलाके में सबसे अधिक पीने के पानी की समस्या है. पाइप से जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं है. इस कारण इस इलाके में रहनेवाले लोग बोरिंग पर लोग निर्भर हैं.
भारत भूषण पासवान
कौशल नगर में रहनेवाले लोगों को अब स्थायी की जगह अस्थायी पता का आवासीय प्रमाण पत्र दिया जा रहा है. यहां रहने वाले अधिकतर लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं.
ललितेश्वर चौधरी
लाल कार्ड रद्द किये जाने से राशन नहीं मिल रहा है. नया राशन कार्ड भी नहीं मिल रहा है. राशन कार्ड पर पहले किरासन तेल मिलता था. इससे बिजली गुल होने पर परेशानी होती है.
दीपक पासवान
बड़े नाले के खुला होने से हर समय खतरा बना रहता है. सफाई नहीं होने से गंदगी रहती है. इससे बीमारी की आशंका रहती है. सड़क के साथ नाला निर्माण की जरूरत है.
बापी घोष
क्या कहते हैं वार्ड पार्षद
60 लाख से रोड व नाला का निर्माण हुआ है. वीआइपी इलाका होने के कारण सड़कों की स्थिति ठीक है. शौचालय निर्माण हुआ है. बड़े नाले पर ढक्कन देने के साथ सफाई, सामुदायिक भवन निर्माण के लिए अनुशंसा की गयी है. स्लम एरिया में कुछ सबमरसिबुल लगा कर पानी आपूर्ति की जा रही है. राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन जमा है, लेकिन 10 हजार आवेदन पेंडिंग हैं. आवास योजना में 2500 लोगों का आवेदन चयनित हुआ है.
