पटना : आइजीआइएमएस के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में एक दुर्लभ ऑपरेशन हुआ है. यहां 14 वर्षीय बच्चे की सर्जरी कर उसके पेट से एक ट्यूमर निकाला गया. इस ट्यूमर के अंदर 20 से 25 दांत, हड्डी व बाल का गुच्छा था. सर्जरी के बाद इसे देख डॉक्टर भी हैरत में थे. डॉक्टरों की सजगता व मेहनत के कारण बच्चे की जान बचायी जा सकी है. अब वह पूरी तरह से खतरे से बाहर है. एक-दो दिनों में बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी जायेगी. बच्चा पिछले छह महीने से पेट दर्द से परेशान था.
बच्चे के पेट से निकले 25 दांत और हड्डी
पटना : आइजीआइएमएस के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग में एक दुर्लभ ऑपरेशन हुआ है. यहां 14 वर्षीय बच्चे की सर्जरी कर उसके पेट से एक ट्यूमर निकाला गया. इस ट्यूमर के अंदर 20 से 25 दांत, हड्डी व बाल का गुच्छा था. सर्जरी के बाद इसे देख डॉक्टर भी हैरत में थे. डॉक्टरों की सजगता व […]

उसे पूर्व में कई अस्पतालों में दिखाया गया, लेकिन डॉक्टरों को बीमारी समझ में नहीं आयी थी. अंत में उसे परिजन आइजीआइएमएस में लेकर आये. यहां गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ साकेत कुमार ने बच्चे की जांच की और ऑपरेशन की सलाह दी. ट्यूमर पेट की गहराई में दाहिनी गुर्दे में घुसा था.
इसलिए ऑपरेशन में काफी खतरा भी था. इसके बाद विभागाध्यक्ष डॉ मनीष मंडल के नेतृत्व में डॉ साकेत कुमार व टीम ने बच्चे का सफल ऑपरेशन किया. इस बारे में जानकारी देते हुए डॉ मनीष मंडल ने बताया कि बच्चे को दुर्लभ बीमारी थी. इसे टेराटोमा या डरमोआइड सिस्ट कहते हैं और यह अनुवांशिक होती है. डॉ साकेत कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के बाद ट्यूमर में 20 से 25 दांत, हड्डी और बाल के गुच्छे पाये गये.
यह एक अत्यंत दुर्लभ बीमारी है, जो पूरे विश्व में अभी तक केवल 20 मरीजों में रिपोर्ट की गयी है. उन्होंने बताया कि मरीज ऑपरेशन के बाद बिल्कुल स्वस्थ है. आइअीआइएमएस के निदेशक डॉ एनआर विश्वास ने डॉक्टरों की इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी है. इस टीम में सर्जरी से डॉ वेंकट, डॉ ओमप्रकाश, डॉ सुजीत भारती, एनेस्थिसिया विभाग की डॉ विभा और डॉ नेहा शामिल रहीं.