पटना : फुलवारीशरीफ में हुए उपद्रव की जांच के लिए राजद की तरफ से गठित पांच सदस्यीय जांच दल ने मौके पर पहुंच कर मामले की जांच की. अगले एक-दो दिनों में दल जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा. हालांकि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के मुताबिक 21 दिसंबर को राजद की तरफ से बुलाये गये बिहार बंद के दौरान हुई गोलीबारी असामाजिक तत्वों ने की थी.
जांच दल का दावा है कि उसी गोलीबारी में एक युवक की मौत हुई थी. पुलिस की गोली से किसी की मौत नहीं हुई है. पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल जरूर किया था. हालांकि राजद की जांच टीम अभी पुलिस और आंचलिक अधिकारी की एफआइआर का अलग-अलग अध्ययन कर रही है.
राजद नेताओं ने कहा कि जहां गोलीबारी हुई, वह इलाका पहले से बेहद संवेदनशील है. जांच दल में शामिल वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक राजद कार्यकर्ताओं के हाथों में किसी भी तरह के हथियार की बात सामने नहीं आयी है. राजद नेता बताते हैं कि पुलिस को इस बात का अंदेशा था कि बंद के दौरान अप्रिय घटना हो सकती थी. हालांकि धारा 107 के तहत किसी की गिरफ्तारी नहीं की गयी.
जांच दल के संयोजक पार्टी के उपाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह और तनवीर हसन ने बताया कि यह हमारा अभी प्रारंभिक मत है. इस मामले में अंतिम रिपोर्ट कुछ दिन बाद सार्वजनिक की जायेगी. फुलवारी में हुए उपद्रव की जांच के लिए राजद के अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने एक समिति बनायी थी. जांच दल में पूर्व मंत्री अशोक कुमार सिंह, डॉ तनवीर हसन, दस्तकार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मदन शर्मा, प्रदेश महासचिव निराला यादव और प्रदेश सचिव निर्भय अंबेदकर शामिल किये गये थे.
