पटना : राज्य के 262 अंगीभूत काॅलेजों में महज 101 को ही नैक की मान्यता प्राप्त है. इनमें से भी सात काॅलेज ही ए श्रेणी में हैं. आठ विश्वविद्यालयों को नैक से एक्रिडिएशन मिल पाया है. प्रदेश के बाकी काॅलेजों और विश्वविद्यालयों की कोशिशें नाकाफी साबित हुई हैं. नैक एक्रिडिएशन न मिलने की वजह से करोड़ों की विकास राशि से प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान वंचित हो रहे हैं. नैक एक्रिडिएशन हासिल करने वाले विश्वविद्यालयों को बीस करोड़ और कॉलेजों को दो करोड़ इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए दिये जाते हैं. नैक की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक बिहार में कुल 109 कॉलेज और विश्वविद्यालय नैक से एक्रिडिएशन हासिल करने में सक्षम हो सके हैं. इनमें बी ग्रेड 76, सी ग्रेड में 26 हैं.
जिन विश्वविद्यालयों को नैक एक्रिडिएशन हासिल है, उनमें एलएन मिथिला विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, बीआरए विश्वविद्यालय, चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी , केएसडीएस विश्वविद्यालय दरभंगा, टीएम भागलपुर विश्वविद्यालय, साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी, मगध विश्वविद्यालय बोध गया शामिल हैं. हायर एजुकेशन क्वालिटी में सुधार के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता का अध्ययन करेंगी. उसकी रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अनुदान देगी. फिलहाल वर्ष 2022 तक देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को नैक से एक्रिडिएशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है. खराब गुणवत्ता वाले उच्च शिक्षा संस्थानों को अनुदान नहीं दिया जायेगा.
ए ग्रेड में शामिल इंस्टीट्यूट
– पटना वीमेंस कालेज, पटना
– कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पटना
– एएन कॉलेज पटना
– सीएम साइंस काॅलेज दरभंगा
– मारवाड़ी काॅलेज भागलपुर
– चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी
– साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी
एक्रिडेशन प्राप्त कॉलेज
पटना विश्वविद्यालय 5
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय 11
मगध विश्वविद्यालय 9
बिहार विश्वविद्यालय 22
बीएन मंडल विश्वविद्यालय 2
पूर्णिया 3
एलएन मिथिला विवि 21
जय प्रकाश विश्वविद्यालय 5
मुंगेर विश्वविद्यालय 2
टीएम भागलपुर विवि 5
वीर कुंवर सिंह विवि 11
केएसडीएस विवि 4
