पटना : कृषि यंत्रों का बैंक बनायेंगी जीविका की दीदियां

पटना : फसल अवशेष प्रबंधन से लेकर खेती के कार्यों में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों का बैंक बनाया जायेगा. इसमें कोई किसान 40 लाख, 20 लाख और दस लाख की तीन योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों की खरीद कर सकता है. यंत्रों की खरीद के लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान दिया जायेगा. […]

पटना : फसल अवशेष प्रबंधन से लेकर खेती के कार्यों में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों का बैंक बनाया जायेगा. इसमें कोई किसान 40 लाख, 20 लाख और दस लाख की तीन योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों की खरीद कर सकता है.
यंत्रों की खरीद के लिए कृषि विभाग की ओर से अनुदान दिया जायेगा. बैंक बनाने के बाद उस किसान से अन्य किसान भाड़े पर कृषि यंत्र का उपयोग करेंगे. अब इस योजना के तहत जीविका के दीदियों को भी जोड़ा जा रहा है. जीविका के माध्यम से बने स्वयं सहायता समूह भी अब कृषि यंत्र बैंक बना सकते हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस योजना के कृषि विभाग की ओर से शुरू की जा चुकी है.लक्ष्य है कि मार्च तक 100 स्वयं सहायता समूहों को कृषि यंत्र बैंक का गठन कर लिया जाये.
मानव शृंखला में कृषि के चार घटक
अगले माह 19 जनवरी को जल- जीवन -हरियाली के तहत बनायी जाने वाली मानव शृंखला में कृषि विभाग भी शामिल होगा. इसको लेकर विभाग में तैयारियां शुरू की गयी हैं.
जानकारी के अनुसार इस अभियान में विभाग की ओर से वाटर सेड का निर्माण, सूक्ष्म सिंचाई कार्यक्रम, फसल अवशेष प्रबंधन की मशीन और जैविक कॉरिडोर को लेकर होने वाले कार्यक्रम को शामिल किया जा रहा है. गौरतलब है कि फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने हैपी सिडर से लेकर अन्य मशीनों पर 80 फीसदी का अनुदान किया गया है. अब तक दो लाख 39 हजार चार सौ 38 किसानों ने कृषि यंत्र खरीद में अनुदान पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है.

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