कर्मियों का बैंक प्रबंधन के खिलाफ धरना

पटना : दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के सैकड़ों कर्मचारियों ने मंगलवार को बैंक प्रबंधन के खिलाफ प्रधान कार्यालय (बाइपास स्थित विष्णु कॉमर्शियल काॅम्प्लेक्स) के समक्ष धरना दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान बैंक के अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपा. संयुक्त फोरम ऑफ दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक यूनियन के बैनर तले 20 […]

पटना : दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के सैकड़ों कर्मचारियों ने मंगलवार को बैंक प्रबंधन के खिलाफ प्रधान कार्यालय (बाइपास स्थित विष्णु कॉमर्शियल काॅम्प्लेक्स) के समक्ष धरना दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान बैंक के अध्यक्ष को ज्ञापन भी सौंपा. संयुक्त फोरम ऑफ दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक यूनियन के बैनर तले 20 जिले के लगभग 700 से अधिक बैंक कर्मचारियों ने भाग लिया.

धरने में विभिन्न वक्ताओं द्वारा बैंक प्रबंधन द्वारा की जा रही नीतियों के खिलाफ विरोध जताया. यूनियन के महासचिव नदीम अख्तर ने कहा कि संगठन द्वारा लगातार कर्मियों के मांगों प्रबंधन के समक्ष रखते आये हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा लिखित सहमति पत्र देने के बावजूद भी उसे पूरा नहीं किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि ग्रामीण बैंक कर्मचारियों को प्राप्त सुविधाओं को भी अनदेखी कर वर्तमान प्रबंधन इसे देने से इन्कार कर रहा है. अख्तर ने कहा कि नव नियुक्त कर्मियों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र को लौटाने के समय नियम के खिलाफ जाकर कर्मियों से दो से तीन लाख रुपये की मांग की जाती है.
धरना में मुख्य रूप से डीबीजीबीओए के महासचिव राजेश कुमार, डीबीजीबीओओ के महासचिव राहुल वत्स, डीबीजीबीओएफ के महासचिव नदीम अख्तर, डीबीजीबीओसी के महासचिव अमित कुमार भारद्वाज, डीबीजीबीओइ मिथुन कुमार, डीबीजीबीडब्लूओ के महासचिव सिद्दनाथ शर्मा, ट्विंकल कुमार, जाहिर खां, यूएन शर्मा ने संबोधित किया.
ग्रामीण बैंककर्मियों ने संसद के समक्ष दिया धरना
पटना :सरकार की पक्षपातपूर्ण बैंकिंग नीति के खिलाफ देशभर के ग्रामीण बैंककर्मियों ने संसद के समक्ष मंगलवार को धरना व आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया. इसमें बिहार के दोनों ग्रामीण बैंकों के 200 से ज्यादा प्रतिनिधियों आॅल इंडिया ग्रामीण बैंक आॅफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव डी एन त्रिवेदी ने बताया कि धरने का उद्घाटन एटक के महासचिव अमरजीत कौर ने किया.
उन्होंने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की चर्चा करते हुए ग्रामीण बैंककर्मियों के साथ हो रहे भेदभाव की भर्त्सना की तथा उनके संघर्ष में साथ देने का वादा किया. अमरजीत कौर के अलावा धरना को तमाम सेंट्रल ट्रेड यूनियन और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के घटक संगठनों के महासचिवों ने संबोधित किया.
बैंकों के विलय के विरोध में संसद भवन के समक्ष बैंकर्मियों का धरना
पटना : केंद्र सरकार की ओर से बैंकों के विलय के विरोध में मंगलवार को संसद भवन के समक्ष बैंककर्मी धरना दिया. धरने का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स द्वारा किया गया. इसमें बिहार सहित देशभर से दस हजार से अधिक बैंककर्मियों ने भाग लिया.
श्रमिक संगठनों का मुख्य मुद्दा बैंकों का विलय, ग्राहकों का दोहन, बैंक कर्मचारियों के नौकरी की सुरक्षा, रोजगार सृजन, काॅरपोरेट घरानों को दिये गये ऋणों कि त्वरित वसूली है. यूनियन नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय बैंकों के राष्ट्रीयकृत अस्मिता को समाप्त करने कि साजिश है.
विलय की प्रक्रिया में बैंकिंग शाखाओं कि संख्या कम होने से सरकार द्वारा घोषित वित्तीय समावेशन की अवधारणा को भी ठेस पहुंचेगा. रिजर्व बैंक द्वारा दिये गये आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2018-19 में 375 शाखाओं को बंद कर दिया गया. धरना में एआइबीओसी के चेयरमैन सुनील कुमार, ठाकुर अरुण कुमार सिन्हा आदि मौजूद थे.

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