पटना : पीएमसीएच में बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा बर्नवार्ड

साकिब पटना : बिहार में पीएमसीएच अकेला ऐसा सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल है जहां प्लास्टिक सर्जरी विभाग मौजूद है. अब जल्द ही यह और विकसित रूप दिखेगा. यहां 15 बेड का नया आइसीयू बनकर तैयार है और अगले कुछ दिनों में ही इसे चालू कर दिया जायेगा. ऐसा होने के बाद पीएमसीएच नयी दिल्ली के […]

साकिब
पटना : बिहार में पीएमसीएच अकेला ऐसा सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल है जहां प्लास्टिक सर्जरी विभाग मौजूद है. अब जल्द ही यह और विकसित रूप दिखेगा. यहां 15 बेड का नया आइसीयू बनकर तैयार है और अगले कुछ दिनों में ही इसे चालू कर दिया जायेगा.
ऐसा होने के बाद पीएमसीएच नयी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बाद देश का ऐसा दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल बन जायेगा जहां जले हुए मरीजों का इतने बड़े स्तर पर और अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ इलाज होगा. इसके प्लास्टिक सर्जरी विभाग में आग के शिकार मरीजों का इलाज होता है. पीएमसीएच इमरजेंसी के सेकेंड फ्लोर पर बर्न यूनिट है. इसमें 38 बेड का वार्ड है और 6 बेड का आइसीयू भी है.
इसी महीने शुरू हो जायेगा नया बर्न आइसीयू
पीएमसीएच इमरजेंसी के चौथे फ्लोर पर 15 बेड का बर्न आइसीयू बनकर तैयार है, इसके साथ ही यहां सात बेड का वार्ड भी अलग से रहेगा. यहां पर बने इन कुल 22 बेड को इसी माह चालू कर दिया जायेगा.
इससे ज्यादा संख्या में गंभीर रूप से जले हुए मरीजों का बेहतर इलाज होगा जिससे उनकी जान बचाने में भी मदद मिलेगी. बर्न आइसीयू को कुछ इस तरह से बनाया जाता है कि यहां इलाज के दौरान मरीज में जीवाणुओं से किसी तरह का संक्रमण नहीं पहुंचे. अक्सर गंभीर रूप से जल चुके मरीज की मौत संक्रमण के कारण भी होती है. आइसीयू इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि यहां मरीज के बेड के पास ही ऑक्सीजन की सुविधा, मॉनिटर, वेंटिलेटर आदि के साथ ही एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम होती है जो मरीज के स्वास्थ्य पर पल – पल नजर रखती है.
मुफ्त में होता है यहां पूरा इलाज
पीएमसीएच में जले हुए मरीजों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा नि:शुल्क होता है. इतना ही नहीं आइसीयू में काफी महंगी दवाएं मरीज को दी जाती हैं वह भी यहां नि:शुल्क मिलती है.
पीएमसीएच में इसी माह के अंत तक 15 बेड का नया बर्न आइसीयू शुरू हो जायेगा. हां सात बेड का नया बर्न वार्ड भी होगा. कुल 22 नये बेड बढ़ जायेंगे. पूर्व में हमारे यहां 38 बेड का बर्न वार्ड और 6 बेड का आइसीयू था. इसके बाद पीएमसीएच दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल होगा जहां इतने बड़े पैमाने पर जले हुए मरीजों का इलाज होगा. ऐसा होने से पूरे बिहार के जले हुए मरीजों को लाभ मिलेगा विशेष रूप से गरीब मरीजों को. यहां बिहार का अकेला पूर्ण रूप से बना हुआ प्लास्टिक सर्जरी विभाग है.
डॉ विद्यापति चौधरी, अधीक्षक, पीएमसीएच
डॉक्टरों को मिली कॉर्निया ट्रांसप्लांट की जानकारी
पटना. श्री साई लायंस नेत्रालय, पटना और द मिशन विजन की ओर से रविवार को होटल चाणक्य में एक मेडिकल कार्यशाला का आयोजन किया गया.
इसमें शहर के नेत्र चिकित्सकों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट और ग्लूकोमा पर नये मेडिकल अपडेट की जानकारी मिली. सिंगापुर नेशनल आइ सेंटर के काॅर्निया एवं रेफ्रेक्टिव सर्जरी स्पेशलिस्ट डॉ अरुंधती अंशु, आइजीआइएमएस के एसोसिएट प्रोफेसर और आइ बैंक के इंचार्ज डॉ नीलेश मोहन ने नये मेडिकल अपडेट की जानकारी दी. वहीं साई नेत्रालय के चीफ ऑफथल्मिक सर्जन डॉ अमरनाथ चौधरी ने संस्थान की ओर से 12 वर्षों से किये गये कामों के बारे में बताया. इस मौके पर बड़ी संख्या में डॉक्टर मौजूद थे.

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