पटना : चांदपुर बेला में मच्छरदानी व्यापारी हरिहर प्रसाद की हत्या कराने के पीछे मुख्य आरोपित अभिषेक के पिता अजीत सिंह भी शामिल है. पिता के कहने पर ही अभिषेक अपराध की दुनिया में कदम रखा और हत्या व लूट की घटना को अंजाम देने लगा.
पुलिस ने शनिवार को फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के रानीपुर इलाके से गिरफ्तार किया. बेटे के निशानदेही पर पुलिस ने अजीत सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. अभिषेक के पास से एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूट के मोबाइल आदि सामग्रियों की बरामदगी की गयी. पिता व पुत्र दोनों उत्तरी मंदिरी स्थित अपने पुश्तैनी मकान में रहते थे.
हत्या से पहले दुकान की रेकी कर चुका था पिता : पुलिस को दिये बयान में अजीत सिंह ने कहा कि हत्या से पहले वह मच्छरदानी खरीदने के लिए हरिहर प्रसाद के दुकान में गया था. संपन्न घर के रहने वाले हरिहर के बारे में उसने पूरी जानकारी इकट्ठा कर ली.
इसके बाद अपने बेटे अभिषेक व उसके दोस्त देवेश उर्फ ऋषभ राज को हरिहर प्रसाद को लूट के लिए भेजा, वहीं जब मृतक ने रुपये देने से मना कर दिया तो देवेश ने गोली चला दी. इससे उनकी मौत हो गयी. देवेश खासमहल रोड नंबर 2 ए, न्यू बंगाली टोला स्थित एक किराये के मकान में रहता है.
मूल रूप से वह नालंदा जिले का रहने वाला है. गिरफ्तारी के डर से अभिषेक फुलवारीशरीफ के रानीपुर में फरार हो गया था. फरार होने के लिए वह हर समय चौंकना रहता था, रात व दिन वह खुले ग्राउंड में ही रहता था, ताकि पुलिस को आते देख वह फरार हो जाये. दोनों आरोपितों ने कहा कि दोनों ने मिल कर बड़े सपने सजा रखे थे, इसके लिए वह जल्दी अमीर बनना चाहते थे.
