पटना : राज्य सरकार के दिशा-निर्देश पर एससी-एसटी समुदाय पर होने वाले विभिन्न तरह के अत्याचार मामलों में जब एफआइआर होती है, तो उस मामले में दोषियों को सजा देने में समय लगता है. जांच की जानकारी पीड़ितों को नहीं मिलती है कि उनके मामले में पुलिस ने अब तक क्या किया है. अब राज्य सरकार ने दर्ज मामलों की मॉनीटरिंग ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है.
इसके लिए गृह विभाग साॅफ्टवेयर तैयार कर रहा है, जिसके माध्यम से दर्ज मामलों की ऑनलाइन निगरानी की जायेगी. पीड़ित भी पुलिस के कामकाज से अवगत हो पायेंगे.
यह सुविधा 2020 से शुरू होगी. राज्य भर में पुलिस बल और पुलिस पदाधिकारियों की कमी से एससी- एसटी मामले में अनुसंधान समय पर नहीं पूरा हो पाता है. जिलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक है और दोषियों की संख्या बहुत कम.
इसकी समीक्षा के बाद विभाग ने राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि थानों में पुलिस एवं पदाधिकारियों की संख्या बढ़ सके और दोषी को सजा तुरंत मिल सके.
