पटना : पीएमसीएच की इमरजेंसी में राज्य भर से मरीज इलाज के लिए आते हैं. हर दिन इसके बाहर मरीजों के परिजनों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन उन्हें पीएमसीएच प्रशासन बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दे पा रहा है.
यहां चारों ओर गंदगी फैली रहती है. बदबू यहां इतनी है कि ज्यादा देर खड़ा होना भी मुश्किल है. साथ ही इमरजेंसी के बाहर परिजनों के लिए बैठने तक की कोई उचित व्यवस्था नहीं है. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जाता है.
सार्वजनिक शौचालय में वसूल रहे दोगुना शुल्क : इमरजेंसी के पास परिजनों की सुविधा के लिए पटना नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालय बना रखा है. परिजन आरोप लगाते हैं कि वहां दोगुनी राशि वसूली जाती हैं.
प्रभात खबर की टीम ने कई परिजनों से बात की. उनका कहना था कि निगम के इस शौचालय में यूरिनल का इस्तेमाल करने के लिए पांच रुपये लिये जाते हैं, जबकि शौच और स्नान के लिए 10 रुपये की वसूली होती है, जबकि निगम द्वारा तय दर इससे आधी से भी कम है.
जो गरीब परिजन मनमाना रुपये नहीं दे पाते, वह पास के नि:शुल्क यूरिनल में जाते हैं, जहां चारों ओर गंदगी पसरी रहती है. नाली की सही व्यवस्था नहीं रहने के कारण यहां की गंदगी पास की सड़क तक बिखरी रहती है.
इसके बगल में ही पीएमसीएच प्रशासन ने परिजनों के लिए खाना बनाने की जगह तय कर रखी है. ऐसे में कोई व्यक्ति कैसे यहां पर बैठ कर खाना बना सकता है. इस नि:शुल्क यूरिनल में गंदगी के कारण जो नहीं जाना चाहते हैं वे आस-पास खुले में पेशाब करते दिख जाते हैं. इसके साथ ही यहां चारों ओर कचरा बिखरा पड़ा रहता है.
क्या कहते हैं मरीज के परिजन
यहां चारों ओर गंदगी बिखरी है, शौचालय वाला दस रुपये वसूल रहा है.
सुनील कुमार
बदबू से बैठना दूभर है, मजबूरी है कि हम यहां बैठे हैं, कोई देखने वाला नहीं है.
शोभा देवी
शौचालय जाने के लिए 10 रुपये देने पड़े. बैठने की व्यवस्था नहीं है.
सुशीला देवी
यहां गंदगी बहुत ज्यादा है, मरीज और परिजन गंदगी से परेशान रहते हैं.
ऋषिकेश सिंह
