पटना : राजद और जदयू के रिश्तों को लेकर शनिवार को एक बार फिर राजनीतिक तापमान गर्म रहा. दोनों दलों की ओर से बयानबाजी हुई. बहस की शुरुआत राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने की.
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का साइड इफेक्ट बिहार में भी होने वाला है. उन्होंने दावा किया कि राजद और जदयू के बीच अंदरखाने की बात चल रही है. यह भी कहा कि राजनीति में सभावनाएं खत्म नहीं होती. रघुवंश सिंह के बयान के कुछ ही देर बाद राजद के सीएम के चेहरे और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने इसे सिरे से खारिज कर दिया.
प्रदेश राजद कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है. जदयू और राजद में कोई बात नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि हम सभी महागठबंधन के नेता आपके सामने हैं. आने वाले समय में हम सभी जनता के एक-एक मुद्दे को लेकर आंदोलन करेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार आइसीयू में है. इसे निकालना होगा. विपक्ष बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज की बात करता है, लेकिन राज्य सरकार यह नहीं चाहती है.
रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा
महाराष्ट्र का साइड इफेक्ट बिहार में भी होने वाला है. उन्होंने दावा किया कि राजद और जदयू के बीच अंदरखाने की बात चल रही है.
तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा महागठबंधन एकजुटहै. जदयू और राजद में कोई बात नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि हम सभी महागठबंधन के नेता आपके सामने हैं.
ख्वाब देख रहा राजद: संजय झा
राजद के बयान पर पलटवार करते हुए जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और राज्य सरकार में मंत्री संजय झा ने कहा कि राजद सत्ता में आने का ख्वाब देख रहा है. एक बार नीतीश कुमार के चलते वह सत्ता में आ गया. उन्होंने कहा कि राजद के साथ बातचीत का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता है.
2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व ही में एनडीए उतरेगा. एनडीए को पूरी तरह एकजुट बताते हुए कहा कि जदयू ,भाजपा और लोजपा के साथ एनडीए के पक्ष में 2010 से बेहतर परिणाम आयेगा.
