पटना : छह जनवरी तक खोजें दूसरे एम्स की जमीन

पटना : पटना हाइकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को 6 जनवरी, 2020 तक राज्य के दूसरे एम्स के लिए जमीन का चयन कर लेने का निर्देश दिया है. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने रंजना कुमारी द्वारा दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. खंडपीठ […]

पटना : पटना हाइकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को 6 जनवरी, 2020 तक राज्य के दूसरे एम्स के लिए जमीन का चयन कर लेने का निर्देश दिया है.
मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने रंजना कुमारी द्वारा दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. खंडपीठ ने कोर्ट में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर जमीन चयन से संबंधित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दें.
कोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि वह राज्य सरकार के प्रस्ताव पर दो सप्ताह के भीतर प्रस्ताव के आलोक में तकनीकी टीम से निरीक्षण का काम पूरा करवा कर अपनी रिपोर्ट उसके दो सप्ताह के बाद सरकार को सौंप दे, जिसके आलोक में कोर्ट को अगली सुनवाई पर जानकारी दी जा सके. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एम्स निर्माण के लिए नियमों का पालन हर हाल में किया जाये.
केंद्र सरकार को भेजा था एक पत्र
राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज को दूसरा एम्स बनाने के लिए राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले साल 12 नवंबर को एक पत्र केंद्र सरकार को भेजा था. उनका कहना था कि दरभंगा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की बिल्डिंग सहित 202 एकड़ जमीन केंद्र सरकार को ट्रांसफर करने की कार्रवाई की जा रही है. वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को 9 जनवरी को ही खारिज करते हुए दरभंगा मेडिकल कॉलेज की जगह किसी दूसरी जगह जमीन देने के बारे में एक पत्र राज्य के मुख्यमंत्री को भेज दिया था. राज्य सरकार केंद्र सरकार के इस पत्र की चर्चा नहीं कर रही है.
दूसरा प्रस्ताव नहीं भेजा
केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसडी संजय तथा पूनम सिंह ने केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा दरभंगा मेडिकल कॉलेज को दूसरा एम्स बनाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया है. इसके बाद राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई दूसरा प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा गया है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि राज्य की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद केंद्र सरकार कार्रवाई करेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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