मसौढ़ी : धनरूआ प्रखंड के पभेड़ी मोड़ स्थित इलाहाबाद बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक द्वारा ग्रामीणों को रकम भुगतान करने में आनाकानी करने व बिना चढ़ावा दिये भुगतान नहीं करने से आजिज ग्रामीणों ने सोमवार को केंद्र पर पहुंच जमकर हंगामा किया. इस दौरान ग्रामीणों व संचालक के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
इधर अपने आप को ग्रामीणों से घिरता देख संचालक सह थाना के अरमल निवासी पशुपति दुबे केंद्र बंद कर वहां से फरार हो गया. दर्जनों ग्रामीण थाना पहुंच थानाध्यक्ष से फरियाद सुनायी. थानाध्यक्ष ने इलाहाबाद बैंक के प्रबंधक से इस संबंध में बातचीत करने व ग्रामीणों से इस संबंध में आवेदन लेने के बाद कार्रवाई का उन्हें भरोसा दिलाया.
उसके बाद ग्रामीण शांत हुए. ग्राहक सेवा केंद्र में आसपास के दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने अपना खाता खुलवा रखा है. इधर सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं से मिलने वाला लाभ भी उन ग्रामीणों को इसी ग्राहक सेवा केंद्र से मिलता है.
बलवापर गांव के रामजी यादव, कौशल्या देवी, कुलपतिया देवी, मनपतिया देवी, चिंता देवी, सोनवा देवी, राजेंद्र बिंद एवं अरमल गांव के रूणा देवी, बिंदु कुमारी, अंशु कुमारी, संगीता कुमारी, शिवम कुमार, के अलावे चकरमल, सिंमहाड़ी समेत अन्य गांव के दर्जनों ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक द्वारा रकम भुगतान करने को लेकर हमेशा हमलोगों के साथ दुर्वव्यवहार किया जाता है. बिना चढ़ावा के रकम का भुगतान नहीं किया जाता है. विरोध करने पर गाली-गलौज व मारपीट की धमकी देते हैं. उनका यह भी आरोप था कि इस दौरान संचालक के द्वारा तरह तरह के तकनीकि बहाना बना लौटा दिया जाता है. वहीं उन्हें कोई ग्रामीण रकम निकासी के एवज में कुछ चढ़ावा दे देता है उसे रकम की भुगतान कर दी जाती है.
इधर जब इस संबंध में संचालक से संपर्क करने की कोशिश की गयी तो केंद्र बंद कर फरार हुए संचालक से संपर्क नहीं हो सका. गौरतलब है कि सरकार द्वारा ग्रामीणों को दी जाने वाली आवास योजना, शौचालय, वृद्धा पेंशन, छात्रवृत्ति, बाढ़ राहत समेत अन्य योजनाओं की राशि उनके खाते में ही दी जाती है. बाद में वह अपने खाते से उक्त रकम की निकासी निर्धारित बैंक या ग्राहक सेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीण कर पाते हैं.
