शीतकालीन सत्र : वेल में उतरा विपक्ष, 30 मिनट चली कार्यवाही, कांग्रेसी नेताओं पर लाठीचार्ज को लेकर जमकर हंगामा

पटना : बिहार विधानसभा में विपक्षी सदस्यों के वेल में आकर हंगामा करने के कारण सदन की दिन भर की कार्यवाही मात्र 30 मिनट में सिमट गयी. भोजनावकाश के पहले विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने विपक्षी नेताओं के रवैये छोड़ कर प्रश्नकाल चलने देने की अपील की. उन्होंने राजद के भोला यादव को वेल […]

पटना : बिहार विधानसभा में विपक्षी सदस्यों के वेल में आकर हंगामा करने के कारण सदन की दिन भर की कार्यवाही मात्र 30 मिनट में सिमट गयी. भोजनावकाश के पहले विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने विपक्षी नेताओं के रवैये छोड़ कर प्रश्नकाल चलने देने की अपील की.
उन्होंने राजद के भोला यादव को वेल से निकल अपनी सीट से अल्पसूचित प्रश्न पूछने का सुझाव दिया. राजद, कांग्रेस व वामदलों के सदस्य बेल से टस-से-मस होने का नाम नहीं ले रहे थे. विधानसभा अध्यक्ष समय पर कार्यस्थगन लाने का सुझाव देते रहे. विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार कांग्रेसी नेताओं पर लाठीचार्ज को लेकर पहले माफी मांगें, तब सदन की कार्यवाही चलेगी. 10 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही, तब सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
दो बजे जब भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, तो फिर विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया. महज 20 मिनट चलने के बाद ही इसे अगले दिन सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गयी. विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई और आसन की ओर से अल्पसूचित प्रश्न पूछने के लिए राजद के भोला प्रसाद यादव का नाम पुकारा गया. इसी दौरान विपक्ष के सदस्य सरकार से कार्यस्थगन की मांग को लेकर वेल में उतर कर हंगामा करने लगे.
कांग्रेस के सदस्य रविवार को लाठीचार्ज के विरोध में अधिक उत्तेजित थे. उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज के कारण कांग्रेस विधायक रामदेव राय घायल है. इधर आसन की ओर से कांग्रेस नेता अवधेश कुमार सिंह को समय पर जाने और कार्यस्थगन लाने की बात कही जाती रही. आसन ने यह भी कहा कि समय पर कांग्रेस के सदस्य अपना कार्यस्थगन लाते हैं, तो सरकार को वक्तव्य देने को कहा जा सकता है. संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्षी सदस्यों के रवैये को लेकर नियमन की बात की.
मनरेगा में 16 करोड़ मानव दिवस स्वीकृत
पटना : विधान परिषद में प्रो नवल किशोर यादव के तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य में प्रावधान के अनुसार जरूरतमंदों को काम देने के लिए इस वर्ष 16 करोड़ मानव दिवस का बजट स्वीकृत किया गया है. राज्य सरकार ने अब तक सात लाख, 93 हजार मानव दिवस का सृजन किया है. राज्य में रोजगार के अभाव में पलायन की सूचना नहीं है. मनरेगा एक मांग आधारित योजना है. इस योजना के तहत बजट मंजूर किया गया है.
एक परिवार को साल में 100 दिन रोजगार देने का प्रावधान इस योजना में है. मंत्री वीरेंद्र नारायण यादव के तारांकित प्रश्न का जवाब देते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि राज्य में पंचायत प्रतिनिधियों को मानदेय देने के लिए राशि आवंटित कर दी गयी है. उन्होंने कहा कि पंचायतों को आवंटन भेज दिया गया है. प्रश्नकर्ता ने वार्ड सदस्य व पंचों को मानदेय देने को लेकर सरकार से प्रश्न किया था.
हंगामे के बीच 6.55 करोड़ का अधिकाई व्यय पास
पटना : विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सुशील मोदी ने छह करोड़, 55 लाख, 31 हजार का अधिकाई व्यय से संबंधित प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा. भोजनावकाश के बाद जितनी देर तक डिप्टी सीएम प्रस्ताव को पढ़ते रहे, उतनी देर तक सदस्यों का शोर-शराबा होता रहा.
इसी हंगामा के बीच डिप्टी सीएम ने कहा कि यह अधिकाई व्यय 1982-83 से लेकर 2004-05 तक का है. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, चिकित्सा व परिवार कल्याण क्षेत्र में खर्च हुई राशि शामिल है. इस अ‌वधि के दौरान 860 करोड़ का अधिकाई व्यय हुआ है, जिसमें 657 करोड़ पशुपालन घोटाले के भी शामिल हैं. घोटाले के इस रुपये के समायोजन का मामला हाइकोर्ट में चल रहा है. सरकार ने कोर्ट से इन रुपये के समायोजन की अनुमति मांगी है.
डिप्टी सीएम ने कहा
डिप्टी सीएम ने कहा कि वित्तीय वर्ष 1991-92 में 59 करोड़ का बजट था. लेकिन, खर्च हुए थे 129 करोड़. इस तरह 70 करोड़ का अधिकाई व्यय हुआ था. इसी तरह वित्तीय वर्ष 92-93 में 87 करोड़, 93-94 में 125 करोड़ और 94-95 में 170 करोड़ रुपये अधिकाई व्यय हुए थे. उन्होंने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के कार्यकाल में मुख्यालय से लेकर पंचायत स्तर तक फर्जी बिल पर बड़ी संख्या में खरीद हुई थी. डिप्टी सीएम ने करीब 20 मिनट में ही अधिकाई व्यय का प्रस्ताव रखा और इसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया.
विपक्षी दलों ने लाठीचार्ज व एनआरसी को लेकर किया प्रदर्शन
पटना : विधानसभा में विपक्षी दल के सदस्यों ने सदन के बाहर और सदन के अंदर सरकार का जम कर विरोध किया. बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के पहले राजद, कांग्रेस और वामदलों के विधायकों ने सदन के बाहर अपनी-अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.
तीनों दलों ने अलग-अलग मांगों के लिए प्रदर्शन के साथ तख्तियां भी प्रदर्शित की. सबसे पहले भाकपा-माले और सीपीआइ के सदस्य सदन के बाहर प्रदर्शन करने निकले. इसमें महबूब आलम, सुदामा प्रसाद और सत्यदेव राम ने धार्मिक आधार पर समान नागरिक संहिता का विरोध किया.
एनआरसी पर रोक लगाओ. इसी तरह से राजद के भाई वीरेंद्र, ललित यादव, समीर कुमार महासेठ सहित अन्य नेताओं ने नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग की. इधर कांग्रेस विधायक डा अशोक कुमार, डा शकील अहमद खान, राजेश कुमार, अजीत कुमार शर्मा सहित अन्य नेताओं ने रविवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित जन वेदना रैली पर सरकार द्वारा लाठी चार्ज के खिलाफ प्रदर्शन किया गया.

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