बिहार बंटवारे में अटका है 1500 से अधिक कर्मचारियों का समायोजन

पटना : करीब दो दशक पहले बंद हो चुके उद्योग और दूसरे विभागों से जुड़े तीन निगम ऐसे हैं, जिनके सैकड़ों कर्मचारियों के वित्तीय लाभ और समायोजन राज्य के अरसे पहले हुए बंटवारे के चलते अटके हुए हैं. जानकारी के मुताबिक लाभ से वंचित निगमों में कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन, वन निगम और बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड […]

पटना : करीब दो दशक पहले बंद हो चुके उद्योग और दूसरे विभागों से जुड़े तीन निगम ऐसे हैं, जिनके सैकड़ों कर्मचारियों के वित्तीय लाभ और समायोजन राज्य के अरसे पहले हुए बंटवारे के चलते अटके हुए हैं. जानकारी के मुताबिक लाभ से वंचित निगमों में कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन, वन निगम और बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड शामिल हैं.
दरअसल इन निगमों का कार्य विस्तार और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में है. लिहाजा कहां की सरकार इसका नियोजन करे, इस संदर्भ में दोनों राज्यों की सरकारों में अब तक सहमति नहीं बन सकी है. बिहार स्टेट एग्रो इंंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉरपोरेशन कर्मचारी यूनियन के महामंत्री रामनंदन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में जवाबदेह अफसर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं. सरकार को चाहिए कि इन तीनों निगमों के 1500 से अधिक कर्मचारियोें के हितों का भी ध्यान रखे.
नौकरी के इंतजार में दो साल में 19 की मौत
रामनंदन प्रसाद के मुताबिक निगमों के सैकड़ों लोगों की निगाहें इस समायोजन पर टिकी हैं, इसलिए इस मामले में अफसरों को सतर्कता बरतनी चाहिए . उन्होंने बताया कि समायोजन के इंतजार में अकेले हमारी यूनियन से जुड़े 19 लोगों की मौत हो चुकी है.

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