पटना : स्वास्थ्य विभाग में 523 कर्मी होंगे नियुक्त

पटना : राज्य सरकार स्वास्थ्य महकमे में व्यापक सुधार के लिए अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर से लेकर विभिन्न स्तर के 523 कर्मियों की नियुक्ति करने जा रही है. इनमें सबसे ज्यादा नियुक्तियां इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में होंगी. यहां 383 नये पदों को मंजूरी दी गयी है. मंगलवार को कैबिनेट की हुई […]

पटना : राज्य सरकार स्वास्थ्य महकमे में व्यापक सुधार के लिए अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर से लेकर विभिन्न स्तर के 523 कर्मियों की नियुक्ति करने जा रही है.
इनमें सबसे ज्यादा नियुक्तियां इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में होंगी. यहां 383 नये पदों को मंजूरी दी गयी है. मंगलवार को कैबिनेट की हुई बैठक में इससे संबंधित प्रस्ताव पर सहमति बनी.
बैठक में कुल 10 एजेंडों पर मुहर लगी. कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव दीपक प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पीएमसीएच कैंपस में मौजूद इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान में सात अनुपयोगी पदों को प्रत्यर्पित करते हुए विभिन्न स्तर के चिकित्सीय, प्रशासनिक, तकनीकी और गैर-तकनीकी स्तर के 383 नये पदों का सृजन किया जायेगा. इसके अलावा इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आइजीआइएमएस) के कार्डियोलॉजी और कार्डिएक कैथ लैब और कार्डियोथोरैसिक सर्जरी विभाग में छह पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी है.
इसके अलावा मधुबनी जिले के झंझारपुर प्रखंड स्थित नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और इसी जिले के अररिया संग्राम के स्वास्थ्य केंद्र को ट्रामा सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए 73 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी है. नवादा जिले के खनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए 61 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी है.
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद में नौ पदसृजित
हाजीपुर में राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान की इकाई खोलने के लिए बियाडा की जमीन को पट्टे पर देने की अनुमति मिली. इसके लिए संस्थान को 50 रुपये स्टांप ड्यूटी और 50 रुपये निबंधन शुल्क देना होगा.
सुपौल के वीरपुर में अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद के सृजन को मंजूरी
वर्ष 2019-20 के लिए योजना एवं सांख्यिकी निदेशालय में केंद्रीय योजनाओं टीआरएस और आइसीएस योजना में तैनात कर्मियों को वेतन देने के लिए राज्य सरकार ने अपने स्तर से राशि जारी की
जल संसाधन विभाग में तकनीकी परामर्शी के पद पर तैनात सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख इंदु भूषण कुमार को एक साल (31 मई, 2020 तक) का सेवा विस्तार
भवन निर्माण विभाग करेगा एक हजार मालियों की नियुक्ति
भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत पटना उद्यान प्रमंडल में एक हजार मालियों (समूह-घ) की नियुक्ति की जायेगी. इनका काम विभिन्न सरकारी भवनों या कार्यालयों में मौजूद पार्कों के अलावा गार्डेन समेत अन्य की देखभाल करने की होगी. राज्य सरकार ने इनके लिए 30 करोड़ 86 लाख 40 हजार रुपये की स्वीकृति दी है.
बंद निगमों के कर्मियों को मिलेंगे समायोजन होने के पहले के पैसे
पटना : करीब दो दशक पहले बंद हो चुके निगमों के कर्मचारियों को बंद होने की तिथि से लेकर होने जा रहे समायोजन से पहले तक के पैसे राज्य सरकार देने जा रही है.
इस क्रम में वित्त विभाग ने उद्योग विभाग से जुड़े निगमों के कर्मचारियों की वित्तीय देनदारी के लिए 119 करोड़ से अधिक की राशि का प्रस्ताव तैयार किया है. इस राशि से कर्मचारियों के वेतन, पेंशन आदि का भुगतान होगा. वित्त विभाग ने इस संबंध में उद्योग विभाग को पत्र भी लिखा है. इस तरह कोर्ट के आदेश पर दो दशक से मुफलिसी झेल रहे सैकड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है.
इस राशि से बिहार राज्य रसायन निगम लिमिटेड, बिहार राज्य वस्त्र निगम और बिहार राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम के संबंधित कर्मचारियों को भुगतान किया जायेगा. शेष निगमाें की वित्तीय देनदारियों की जिम्मेदारी दूसरे विभागों को दी गयी है.
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक निगम के ऐसे कर्मचारी, जिनकी रिटायरमेंट की उम्र सीमा पूरी हो चुकी है, उन्हें उसी समय तक का पैसा दिया जायेगा. सरकार ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया है. विभागीय सूत्रोंके मुताबिक वित्तीय देनदारी की यह राशि अभी और बढ़ सकती है. दरअसल, विभिन्न निगमों के पूर्व कर्मचारियों केसंघ अलग-अलग संख्या दे रहे हैं. प्रारंभिक आकलन के मुताबिक अभी तक वित्तीय समायोजन से 700 से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा. हालांकि, इस संख्या में काफी इजाफा होने की संभावना है.
थर्ड और फोर्थ ग्रेड में दी जायेगी नौकरी नियुक्ति के लिए उम्र सीमा भी शिथिल बंद हो चुके विभिन्न बोर्डों के ऐसे कर्मचारी, जिनकी उम्र अभी नौकरी की अधिकतम उम्र सीमा 60 वर्ष से कम है, उन्हें नौकरी पर रखा जायेगा. जिस ग्रेड पद पर वे निगम में तैनात थे, उन्हें उसी ग्रेड में नियुक्त किया जायेगा. इन नियुक्तियों के मद्देनजर उद्योग विभाग ने न्यूनतम उम्र सीमा की बाध्यता खत्म कर दी है. हालांकि, उद्योग विभाग इस मसले में समायोजन पॉलिसी भी बना रहा है, ताकि नियुक्तियों के संदर्भ में कोई विसंगति नहीं हो.
पटना उद्योग विभाग में अब तक बंद हो चुकी बिहार राज्य औषधि एवं रसायन निगम लिमिटेड के करीब 58 लोगों के आवेदन आये हैं. इनमें साक्षात्कार या काउंसेलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. सूत्रों के मुताबिक इसी हफ्ते इनका समायोजन पूरा कर लिया जायेगा. हालांकि, इससे पहले विभाग दूसरे विभागों से भी तैनाती की जानकारी ले रहा है. इस संबंध में तीन-चार आवेदक ऐसे भी हैं, जिनकी रिटायरमेंट की उम्र सीमा एक दो माह ही बची है. दो आवेदक ऐसे हैं, जिनकी रिटायरमेंट की व अवधि दो-तीन दिन ही बची है. लिहाजा ऐसे लोग जानबूझ कर काउंसेलिंग में नहीं आये.
बंद हो चुके अन्य बोर्ड, जिनके पूर्व कर्मियों को मिलना है फायदा
बिहार राज्य कृषि उद्योग विकास निगम लिमिटेड
पंचायती राज वित्त निगम
बिहार राज्य निर्माण निगम
औद्योगिक विकास निगम की स्पौन मिल भागलपुर
बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट काॅरपोरेशन और उनके सहयोगी संस्थान
उद्योग िवभाग के अतिरिक्त सचिव प्रदीप कुमार ने कहा िक उद्योग विभाग में बंद हो चुके तीन निगमों के करीब 150 से अधिक कर्मचारियों का समायोजन किया जायेगा. इसके लिए विभाग के सभी निदेशालयों से रिक्तियां मांग ली गयी हैं. इसके लिए समायोजन पॉलिसी भी बनायी जा रही है. बोर्ड बंद होने के बाद से लेकर एक मार्च, 2019 तक की वित्तीय देनदारी मसलन उनके वेतन,पेंशन आदि का भी भुगतान किया जायेगा. इसके अलावा ऐसे कर्मचारी जिनकी रिटायरमेंट उम्र सीमा पूरी हो चुकी है, उनकाे भी भुगतान किया जायेगा. इसका प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा चुका है. उसकी मंजूरी मिलते ही पैसे दे दिये जायेंगे.

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