पटना : पटना विश्वविद्यालय में एक ओर सीनेट चल रही थी तो दूसरी ओर विभिन्न छात्र संगठनों ने सीनेट भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और घंटो मुख्य द्वार को घेरे रखा. इस वजह से विवि का गेट पूरी बैठक के दौरान बंद ही रहा. बैठक के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी. एक के बाद एक छात्र संगठन आ रहे थे और छात्रों के सवालों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. छात्र राजद, एआइएसएफ, छात्र जनाधिकार परिषद आदि संगठनों ने विरोध दर्ज किया. एआइएसएफ ने रोषपूर्ण प्रदर्शन किया.
सीनेट भवन के बाहर छात्र संगठनों ने किया प्रदर्शन
पटना : पटना विश्वविद्यालय में एक ओर सीनेट चल रही थी तो दूसरी ओर विभिन्न छात्र संगठनों ने सीनेट भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और घंटो मुख्य द्वार को घेरे रखा. इस वजह से विवि का गेट पूरी बैठक के दौरान बंद ही रहा. बैठक के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी. एक के बाद […]

सीनेट की बैठक शुरू होते ही साढ़े दस बजे एआइएसएफ के साथियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. सभी छात्रावासों को तत्काल आवंटन करने, छात्र छात्राओं की सुरक्षा की गारंटी करने, कैंपस प्लेसमेंट सेल को सक्रिय करो, जेंडर सेल सक्रिय करने, पीयू को केंद्रीय विवि का दर्जा, विवि में शिक्षक-कर्मियों के रिक्त पदों पर बहाली करने, सेंट्रल लाइब्रेरी को आम छात्रों के लिए 24 घंटे खोलने आदि को लेकर विरोध दर्ज किया.
पीयू प्रॉक्टर ने छात्रों से लिया ज्ञापन
छात्रों के आक्रोशित होने की जानकारी पाकर पीयू प्रॉक्टर रजनीश कुमार ने छात्रों का ज्ञापन लिया. छात्र जनाधिकार परिषद से नीरज यादव व अन्य ने विरोध किया.
प्रदर्शन में एआइएसएफ की राष्ट्रीय परिषद सदस्य अनुष्का आर्या, राज्य कार्यकारिणी सदस्य सुभाष पासवान, जिला अध्यक्ष अक्षय कुमार, जिला उपाध्यक्ष मीर सैफ अली, पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष भाग्य भारती आदि छात्र-छात्राएं मौजूद थे. उधर छात्र राष्ट्रीय जनता दल पटना विश्वविद्यालय इकाई द्वारा पटना विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा आयोजित सीनेट के बैठक का जोरदार रूप से आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन एवं सीनेट हॉल का घेराव किया गया.
मौके पर पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष विक्रांत रॉय, प्रदेश महासचिव खान बेलाल, प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुमार, कुंदन रॉय, आकाश सिन्हा, अंशु सरकार, भास्कर कुमार,निराला कुमार, उज्ज्वल कुमार,विषजीत कुमार, अभिषेक कुमार,अतुल आनंद,अब्दुक मतीन राही आदि लोग मौजूद थे. उनकी प्रमुख मांगों में हॉस्टल आवंटन, शिक्षकों की बहाली, लाइब्रेरी को चौबीस घंटे खोलने आदि की मांग की.