कृषि रोड मैप : फल, खाद्यान्न व सब्जियों का बढ़ेगा उत्पादन

1412 मीटरिक टन प्याज का उत्पादन करने का रखा गया है लक्ष्य पटना : अगले दो वर्षों में फल, खाद्यान्न से लेकर प्रमुख सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. कृषि रोड मैप के अनुसार वर्ष 2021-22 में प्याज का उत्पादन 1248 मीटरिक टन से बढ़ा कर 1412.70 मीटरिक टन करने का लक्ष्य […]

1412 मीटरिक टन प्याज का उत्पादन करने का रखा गया है लक्ष्य
पटना : अगले दो वर्षों में फल, खाद्यान्न से लेकर प्रमुख सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है. कृषि रोड मैप के अनुसार वर्ष 2021-22 में प्याज का उत्पादन 1248 मीटरिक टन से बढ़ा कर 1412.70 मीटरिक टन करने का लक्ष्य है.
इसमें प्याज की उत्पादकता को 25.85 टन प्रति हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है. उसी प्रकार आलू का उत्पादन भी 6377 मीटरिक टन से बढ़ा कर 13271.70 मीटरिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें आलू की उत्पादकता 41 टन प्रति हेक्टेयर करने लक्ष्य रखा गया है. यानी अगले दो वर्षों में प्याज का उत्पादन करीब दो सौ मीटरिक टन और आलू करीब 6894 मीटरिक टन बढ़ेगा.
इसके अलावा सब्जियों में भिंडी को 1693, टमाटर को 1297, बैगन को 1702.89, हरा मटर 1702 मीटरिक टन के अलावा फूल गोभी व पत्तागोभी के साथ कुल 25207.60 मीटरिक टन सब्जियों के उत्पादन 2022 तक करने का लक्ष्य रखा गया है. कृषि रोड मैप के अनुसार ही एक-एक कर अनुदान व कृषि सहायता योजनाओं को लागू किया जा रहा है. किसी भी लाभ को लेने के लिए सबसे पहले किसान पंजीकरण जरूरी है. जिसमें अब तक एक करोड़ से अधिक किसानों का निबंधन किया जा चुका है.
चावल व गेहूं के उत्पादन में भी होगी वृद्धि
सब्जियों के अलावा अगले दो वर्षों में खाद्यान्न उत्पादन में भी वृद्धि होगी. कृषि रोड मैप के अनुसार वर्ष 2021-22 में चावल का उत्पादन 24 या 25 से बढ़ा कर 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करना है. इसमें चावल के उत्पादन को पूरे राज्य में 126 लाख मीटरिक टन तक करना है. जबकि अब तक अधिकतम 85 लाख मीटरिक टन उत्पादन का रिकॉर्ड है. इसके अलावा गेहूं का उत्पादन 25 से बढ़ा कर 35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर यानी कुल उत्पादन 72 लाख मीटरिक टन तक करना है. जबकि अब तक अधिकतम 59 लाख मीटरिक टन उत्पादन हुआ है.
फलों का उत्पादन 60 हजार मीटरिक टन तक
खाद्यान्न, सब्जियों के अलावा कृषि रोड मैप में फलों के उत्पादन को भी बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसमें आम को 1800, लीची, 300, केला 2600, अमरूद 350, पपीता 38.61, अन्नास 180, नीबू 200 व अन्य फलों के उत्पादन को 531 मीटरिक टन से अधिक करने की दिशा में काम किया जा रहा है. मैप के अनुसार अगले दो वर्ष में करीब 60 हजार मीटरिक टन किया जाना है.

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