पटना : रीजनल कंप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (आरइसीपी) में भारत देश के शामिल होने के खिलाफ सोमवार को किसान संगठनों ने आपत्ति दर्ज करते हुए शहर में विरोध मार्च निकाला. किसान संगठनों का कहना है कि इस संधि में डेयरी और कृषि को शामिल किया तो देश का किसान बर्बाद हो जायेगा.
इसके विरोध में शहर के गांधी मैदान स्थित भगत सिंह स्मारक चौक से अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले किसानों ने प्रतिरोध मार्च निकाल कर आरइसीपी के प्रारूप को जलाया. बिहार राज्य किसान सभा के महासचिव अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि आरइसीपी क्षेत्रीय आर्थिक साझेदारी में 16 देश शामिल हैं. इन देशों के बीच टैक्स में कटौती के अलावे विभिन्न प्रकार की छूट दी जायेगी.
इस समझौैते से डेयरी और कृषि से जुड़े किसान बर्बाद हो जायेंगे. अखिल भारतीय स्वामी सहजानंद सरस्वती विचार मंच के उपाध्यक्ष रामाधार सिंह, प्रगतिशील क्रांतिकारी किसान सभा के महासचिव नृपेन कृष्ण महतो, भारतीय किसान मजदूर विकास संगठन के महासचिव अनिल कुमार सिंह, भारतीय किसान बचाओ आंदोलन के महासचिव बैजनाथ सिंह, राष्ट्रीय किसान मंच के संयोजक वीवी सिंह एवं अन्य संगठनों ने सभा को संबोधित करते हुए अपनी बात रखी. वहीं, एक अन्य किसान संगठन ने बुद्ध स्मारक पार्क से स्टेशन गोलंबर तक विरोध मार्च निकाला और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया.
किसान नेताओं ने कहा कि संधि के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुआ है. इसमें किसान सभा (जमाल रोड) के जिला सचिव सोनेलाल, अध्यक्ष नोमी पासवान, किसान महासभा के कृपा नारायण सिंह, उमेश सिंह, राजेंद्र पटेल एवं अन्य शामिल हुए.
