डीजी-आइजी स्तर के पदाधिकारियों की टीमों का गठन
पटना : पुलिस अपने प्रतीकों से लेकर काम करने तक के नियमों में व्यापक स्तर पर बदलाव करने जा रही है. तीस नवंबर तक इसका पहला ड्राफ्ट तैयार कर लिया जायेगा. वहीं पुलिस का विशिष्ट झंडा, प्रतीक चिह्न और ध्येय वाक्य पर बिहार की आम जनता भी अपने सुझाव और कलात्मक प्रविष्टियां (रचनाएं) पुलिस मुख्यालय भेज रही है.
झंडा अथवा लोगो का साइज-सेप कैसा हो, कौन& से रंग का होना चाहिए, इस विवरण के साथ लोग अपने सुझाव बंद लिफाफा और मेल से भेज रहे हैं. चुनी हुई प्रविष्टियों को प्रशस्तिपत्र एवं प्रोत्साहन राशि दी जायेगा.
एडीजी मुख्यालय जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी काम कर रही है. पिछले दिनों डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी डीजी, एडीजी, पुलिस इकाई और रेंज के आइजी, डीआइजी तथा विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक को पत्र लिखकर कार्यालय का संरचना चार्ट और अधिकारियों- कर्मचारियों की भूमिका और कर्तव्य का ब्योरा मांगा है.
कार्य की एसओपी और सुझाव भी देने के निर्देश हैं. आइजी मुख्यालय नैय्यर हसनैन ने सभी अधिकारियों को पत्र भेजा है कि यह सारी जानकारी हिंदी में 30 नवंबर तक उपलब्ध कराएं. वर्तमान पुलिस हस्तक के 46 अध्याय का अध्ययन कर सुझाव देने के लिए अध्यायवार कमेटियों का गठन किया गया है. इसमें डीजी से लेकर आइजी स्तर के पदाधिकारी हैं.
यह अधिकारी तय करेंगे कि पुलिस आगे किस तरीके से काम करेगी. कितने विंग होंगे. उसमें कितना बल होना चाहिए. यानि गांव से लेकर राज्य स्तर तक पुलिस की छोटी से छाेटी गतिविधि के नियम , स्वरूप पदोन्नति- दंड आदि की विधि का फिर से निर्धारित करेंगे.
