पटना : महादलित, दलित और अल्पसंख्यक पिछड़ा वर्ग अक्षर आंचल योजना के तहत प्रदेश के 27 हजार से अधिक साक्षरता केंद्रों का सोशल ऑडिट कराया जायेगा. प्रदेश में पहली बार किसी शैक्षणिक योजना का सोशल ऑडिट कराया जा रहा है. इसके जरिये शिक्षा विभाग जानेगा कि साक्षरता केंद्रों के संचालन में सालाना 250 करोड़ से अधिक खर्च करने के बाद उनके कार्यों की गुणवत्ता धरातल पर कैसी है. यह केंद्र महिला साक्षरता में सुधार के लिए संचालित किये जा रहे हैं.
टाेला सेवक व तालीमी मरकजों के कार्यों का भी सोशल ऑडिट कराया जायेगा. इस सोशल ऑडिट कीरिपोर्ट को पूरी तरह विधि मान्य होगी. इससे पहले सोशल ऑडिट कराने के लिए शिक्षा विभाग बाकायदा रूल-रेग्यूलेशन तय कर रहा है.
साक्षरता केंद्रों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए जन शिक्षा निदेशालय ने एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार करा लिया है. इससे निदेशालय टोला या तालीमी मरकजों की की मॉनीटरिंग कर सकेगा. इस एप के जरिये टोला सेवकों को अपनी उपस्थिति भी बतानी होगी. इससे बच्चों की रोजाना उपस्थिति का भी पता लग सकेगा. यह एप यूनिसेफ की सहायता से तैयार किया गया है.
