पटना : बिहार म्यूजियम के मामले में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार ने पांच सदस्यीय जांच टीम के गठन की घोषणा की है, जिसमें प्रधान सचिव व अपर सचिव शामिल होंगे. मंगलवार को बिहार म्यूजियम के शासी निकाय के अध्यक्ष (विकास आयुक्त) की स्वीकृति मिलने के बाद समिति को औपचारिक रूप दिया जायेगा और उसके बाद यह जांच शुरू करेगी. मंत्री ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस के स्तर से जांच हो रही है और तीन माह पू्र्व कुछ मामलों में एफआइआर भी हुआ है. पुराने मामलों की जांच पहले से ही एक समिति कर रही है जिसने म्यूजियम जाकर संबंधित फाइलों को भी देखा है.
अगले दो दिनों के भीतर यह जांच टीम अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. उनकी जांच रिपोर्ट समेत उच्च स्तरीय कमेटी भ्रष्टाचार ओर और विवाद से जुड़े सभी मामलों को विस्तार से देखेगी और कहां व किसके कारण गड़बड़ी हुई है, उसकी जांच करेगी.
विभाग तक पहुंचा नियुक्ति के लिये निकाले गये विज्ञापन का मामला
बिहार संग्रहालय द्वारा वहां अपर निदेशक के चार पदों पर नियुक्ति के लिये जून 2019 एवं अगस्त 2019 में विज्ञापन निकाला गया, जिसमें पद के लिए वांछित योग्यता में छेड़छाड़ की गयी है, यह मामला भी विभाग तक पहुंचा है.
वहीं, म्यूजियम में भिन्न-भिन्न पदों पर नियुक्ति के लिये 2015, 2016, 2018 और 2019 में भी विज्ञापन निकाला गया, लेकिन प्राप्त आवेदनों पर क्या कार्रवाई की गयी, इसकी सूचना आवेदकों को अभी तक नहीं मिली है. इसको लेकर विभाग को लिखित शिकायत मिली है. जिसमें यह भी कहा गया है कि अगर पूर्व के विज्ञापनों को रद्द किया गया है और कोई भी सफल उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है, तो इसकी सूचना समाचार पत्रों में नहीं निकाली गयी. आवेदकों के शुल्क को भी नहीं लौटाया गया.
