पटना : कस्टम महकमे में बनायी गयी एंटी स्मगलिंग यूनिट

राज्य में स्मगलिंग की तेजी से बढ़ती घटनाओं पर कसी जायेगी नकेल पटना : बिहार में स्मगलिंग की तेजी से बढ़ रही घटनाओं पर नकेल कसने के लिए कस्टम महकमा ने एक विशेष एंटी स्मगलिंग यूनिट का गठन किया है. इसमें मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और पटना के चुनिंदा करीब 16 अधिकारियों को रखा गया है. इसमें […]

राज्य में स्मगलिंग की तेजी से बढ़ती घटनाओं पर कसी जायेगी नकेल
पटना : बिहार में स्मगलिंग की तेजी से बढ़ रही घटनाओं पर नकेल कसने के लिए कस्टम महकमा ने एक विशेष एंटी स्मगलिंग यूनिट का गठन किया है.
इसमें मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और पटना के चुनिंदा करीब 16 अधिकारियों को रखा गया है. इसमें सभी इंस्पेक्टर, सुप्रीटेंडेंट और इससे ऊपर रैंक के अधिकारी मौजूद हैं. ये लोग पूरे बिहार में कहीं भी जाकर कार्रवाई कर सकते हैं. साथ ही किसी मामले में खुफिया जानकारी एकत्र करके इस पर उचित कार्रवाई कर सकते हैं. इस यूनिट को कुछ विशेष अधिकार भी दिये गये हैं, ताकि वे किसी मामले में तुरंत कार्रवाई कर सकें. बिहार में पहली बार इस तरह की यूनिट का गठन कस्टम विभाग के स्तर से किया गया है.
तस्करों के लिए बिहार बन गया है एक सेफ रूट
पिछले वर्ष केंद्रीय कस्टम विभाग ने तस्करी से जुड़े 42 मामले पकड़े थे, जिनमें 13 करोड़ 86 लाख रुपये के अवैध सामान को जब्त किया गया था. इनमें सबसे ज्यादा नौ मामले विदेशी सिगरेट की तस्करी से जुड़े हुए थे.
इनका मूल्य करीब तीन करोड़ रुपये है. इसके अलावा एक मामला गांजा और एक चरस की तस्करी से जुड़े हुए भी पकड़े गये हैं. वर्ष 2017-18 के दौरान तस्करी से जुड़े करीब 34 मामले पकड़े गये थे. इसके पिछले वर्षों में पकड़े गये तस्करी के मामलों की संख्या इससे कम थी. यहां तस्करी तेजी से बढ़ती जा रही है.
नेपाल सीमा के अलावा नाॅर्थ-ईस्ट और पश्चिम बंगाल की ट्रेन रूट भी बड़ी संख्या में तस्करी के माध्यम बनते जा रहे हैं. इनसे विदेशी सिगरेट से लेकर कपड़े, मशाले, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की स्मगलिंग बड़ी मात्रा में होने लगी है. बिहार एक सेफ रूट के रूप में विकसित होता जा रहा है.
बोले अधिकारी
बिहार में कस्टम महकमा के तीन-चार डिवीजन होने के कारण छापेमारी की कार्रवाई करने में समस्या होती थी. अब एकीकृत टीम का गठन करने से पूरे राज्य में कहीं भी यह टीम कभी भी छापेमारी कर सकेगी. जहां सूचना मिलेगी, यह टीम आसानी से वहां पहुंच कर कार्रवाई कर सकती है. साथ ही तस्करी से संबंधित सूचना एकत्र करने में भी आसानी होगी. तस्करी पर नकेल लगाने के लिए यह पहल की गयी है.
रणजीत कुमार (आयुक्त, कस्टम विभाग (बिहार-झारखंड)
पटना, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के अधिकारियों को मिलाकर संयुक्त रूप से गठित की गयी समेकित एंटी स्मगलिंग यूनिट
बिहार में लगातार बढ़ रही स्मगलिंग की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए की गयी यह व्यवस्था, पिछले साल 42 मामले आये सामने

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