पटना : साफ पानी का अभाव बिहारशरीफ, पटना, भागलपुर व मुजफ्फरपुर के स्मार्ट सिटी की रैंकिंग को घटा सकता है. अगले तीन माह के लिए स्मार्ट सिटी के सौ शहरों में पानी की गुणवत्ता को लेकर शुरू होने वाले सर्वे में इन शहरों की स्थिति खराब रहने की पूरी आशंका है.
क्योंकि पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर या बिहारशरीफ में नयी पेयजल सप्लाइ की योजनाएं अभी पूरी नहीं हो पायी हैं. जबकि, जिन जगहों पर पहले से पानी सप्लाइ हो रही है, उनकी पाइपलाइन पुरानी व जर्जर हो चुकी है. सरकारी पानी सप्लाइ की गुणवत्ता भी बेहतर नहीं है. ऐसे में स्मार्ट सिटी के नये मानक से शहरों की चुनौती बढ़ गयी है.
गौरतलब है कि केंद्रीय मानक ब्यूरो की ओर से यह सर्वे शुरू किया जा रहा है.कहां कितना हुआ है काम : पटना में पेयजल सप्लाइ की लगभग पांच वर्ष पुरानी योजना अब तक अधूरी पड़ी है. उसी योजना को एक बार फिर से 2244 करोड़ की लागत से सभी वार्डों में साफ पानी पहुंचाने के लिए बनाया गया है. लेकिन, अभी डीपीआर फाइनल नहीं है. बिहारशरीफ में दो फेजों में 2571 व 2157 घरों के लिए पेयजल सप्लाइ योजना का काम चल रहा है. जिसे अगले वर्ष मार्च तक पूरा होना है.
नहीं कर सकते उपयोग
पटना सहित लगभग सभी जगहों पर सरकारी पानी सप्लाइ की स्थिति बेहतर नहीं है. कहीं का पानी सीधे पीने के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता. बारिश के बाद अधिकतर जगहों पर गंदा पानी आने की समस्या रहती है. पटना से लेकर अन्य कई जिलों में कई क्षेत्र आर्सेनिक प्रभावित है. उन जगहों पर पीएचइडी की ओर से अभी काम किया जा रहा है.
प्रोजेक्ट धीमी : पटना में 1017.60 करोड़ की लागत वाली 10 योजनाओं पर काम की शुरुआत हुई है. लेकिन, कई प्रोजेक्टों पर वर्कऑर्डर देने के बाद बंद पड़े हैं. बिहारशरीफ में 160 करोड़ की लागत से 17 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी है. वहीं 398 करोड़ की लागत से 11 नयी योजनाओं का डीपीआर तैयार कर ली गयी है. भागलपुर में 932 करोड़ वाली परियोजनाओं के डीपीआर बनाने के लिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के साथ अनुबंध किया गया है.
