पटना के लिए राहत की खबरः पुनपुन की रफ्तार घटी, महाआफत का खतरा टला, ट्रेनों के परिचालन पर असर कायम

पटना/मसौढ़ी/फुलवारी : पुनपुन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच पटना के लिएथोड़ी राहत की खबर है. जलजमाव का दंश झेल रहे पटना शहर में अगर पुनपुन नदी का पानी आता तो पटनावासियों के लिए यह महा आफत हो जाता. इधर , बाढ़ के कारण ट्रेनों के परिचालन अब तक सही नहीं […]

पटना/मसौढ़ी/फुलवारी : पुनपुन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच पटना के लिएथोड़ी राहत की खबर है. जलजमाव का दंश झेल रहे पटना शहर में अगर पुनपुन नदी का पानी आता तो पटनावासियों के लिए यह महा आफत हो जाता. इधर , बाढ़ के कारण ट्रेनों के परिचालन अब तक सही नहीं हुआ है. पटना-गया पैसेंजर को पुनपुन से चलाया जा रहा है. कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है तो कई ट्रनों को बदले हुए मार्ग से चलाया जा रहा है.

जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के मुताबिक शुक्रवार को श्रीपालपुर में पुनपुन नदी चार सेमी बढ़ कर खतरे के निशान से 301 सेंटीमीटर तक पहुंच गयी. लेकिन, शनिवार को इसमें 13 सेंटीमीटर की गिरावट आने की संभावना है. पुनपुन नदी में आये उफान की वजह से पुनपुन प्रखंड की छह पंचायतों पैमार, बेहरावां, पुनपुन, लखना पूर्वी व पश्चिमी तथा बरावां में बाढ़ का पानी पूरी तरह फैल गया है.

इसने आस पास के कई गांवों को अपनी चपेट में ले रखा है. इसकी वजह से इन गांवों को खाली करा कर लोगों को राहत कैंप में रखा गया है. वहीं, फुलवारीशरीफ के परसा से लेकर बेलदारीचक तक सैंकड़ों गांवों में पुनपुन नदी के पानी ने प्रलय मचा दिया है. गौरीचक से बेलदारीचक तक दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह भंग है. पटना-गया लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह बहाल नहीं हो सका है. शुक्रवार को भी इस खंड पर चलने वाली तमाम ट्रेनें रद्द रहीं.

वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पटना-गया सवारी गाड़ियों को गया से पुनपुन स्टेशन के बीच ही चलाये जाने का निर्णय लिया गया है. पटना- गया रेलखंड की तमाम एक्सप्रेस ट्रेनें किऊल-झाझा मार्ग से ही चलेंगी. जल स्तर मे कमी आने के बाद ही गया से पटना के बीच ट्रेनों का परिचालन बहाल हो पायेगा.

डीएम व परिवहन सचिव कर रहे कैंप

बांध कटाव की आशंका को देखते हुए शुक्रवार की सुबह से ही डीएम कुमार रवि और परिवहन विभाग के प्रधान सचिव संजय अग्रवाल सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी पुनपुन में कैंप किये हुए हैं.

बाढ़ पीड़ितों के बचाव व राहत कार्य देख रहे डीएम कुमार रवि ने बताया कि पुनपुन नदी पर बना पटना सुरक्षा बांध बिल्कुल सुरक्षित है और पटना पर खतरा नहीं है. उन्होंने बताया कि पुनपुन में 15 सदस्यीय एसडीआरएफ की टीम के साथ चार नाव, जबकि धनरूआ में 16 सदस्यीय एसडीआरएफ की टीम के साथ तीन नाव को बचाव एवं राहत कार्य के लिए लगाया गया है. फतुहा में भी 16 सदस्यीय एसडीआरएफ की टीम दो नाव के साथ लगी है.

33 स्थानों पर सामुदायिक किचन चालू कराया गया

डीएम ने कहा कि अस्त-व्यस्त जन जीवन को देखते हुए 33 स्थानों पर सामुदायिक कॉम्युनिटी किचन चलाया जा रहा है. यहां पर रात दिन लोगों काे मुफ्त भोजन पानी एवं बच्चाें काे दूध उपलब्ध कराया जा रहा है.

बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य के लिए मसौढ़ी अनुमंडल में सामुदायिक रसोई स्वास्थ्य सुविधा, शुद्ध पेयजल एवं अन्य मूलभूत आवश्यक सुविधाएं निर्बाध रूप से दी जा रही हैं. डीएम ने बताया कि पुनपुन में राम गोविन्द सिंह हाइ स्कूल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल में मध्य विद्यालय पैमार, मध्य विद्यालय शेखपुरा बहरावॉ, मध्य विद्यालय बलीपर एवं पेट्राेल पम्प बेलदारचक में मेडिकल कैंप चिकित्सक पारा मेडिकल स्टाफ जीवन रक्षक दवाओं के साथ कार्यरत हैं.

फुड पैकेट में चूरा, आलू, गुड़, माेमबत्ती एवं बच्चाें के लिए एक पैकेट बिस्कुट का वितरण प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर किया जा रहा है. अभी तक पुनपुन नदी एवं अन्य नदियों में अत्याधिक जल प्रवाह होने के कारण 86,768 लोग प्रभावित हुए हैं.

पटना सदर अंचल के 05 पंचायत में 14000 पुनपुन अंचल के 05 प्रभावित पंचायत में 41,000 धनरूआ अंचल के 05 प्रभावित पंचायत में 6000 पालीगंज अंचल के 03 पंचायत में 5000, संपतचक अंचल के 02 पंचायत में 3568, नाैबतपुर अंचल के 05 पंचायत में 14000 एवं फुलवारीशरीफ अंचल के 04 पंचायत के 3200 की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. पुनपुन में 15000 फूड पैकेट, धनरूआ में 950 फूड पैकेट,पालीगंज में 950 फूड पैकेट, सम्पतचक में 1500 फूड पैकेट, नौबतपुर में 950 फूड पैकेट एवं फुलवारीशरीफ में 900 फूड पैकेट वितरित किये गये.

फुलवारी, नौबतपुर में भी एसडीआरएफ टीम तैनात

डीएम ने बताया कि फुलवारीशरीफ में एनडीआरएफ की 24 सदस्यीय टीम के साथ चार नाव को, नाैबतपुर में चार सदस्यीय बल के साथ दो नाव काे एवं संपतचक में 55 सदस्यीय बल के साथ आठ नाव को बचाव एवं राहत कार्य के लिए लगाया गया है. एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की कुल 25 बोट को बचाव एवं राहत कार्य में लगी हुई है.

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