पटना : बहुचर्चित सृजन घोटाला में शामिल तीन सरकारी पदाधिकारियों पर राज्य सरकार आपराधिक मुकदमा दर्ज करेगी. यह निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया है.
सहरसा के तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी कृष्ण कुमार, एडीएम जयश्री ठाकुर व भागलपुर के ग्रामीण कार्य विभाग कार्यालय के तत्कालीन इंजीनियर अरुण के खिलाफ मुकदमा चलाया जायेगा. सरकार की पहल इन्हें सरकारी राशि और अपने पद के दुरुपयोग के साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप की सजा दिलाने की भी होगी. इनकी सभी संपत्ति भी जब्त की जायेगी. राज्य में यह अपनी तरह का पहला मामला है, घोटाले के आरोपी सरकारी पदाधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा चलाया जायेगा.
18 एफआईआर, 23 बनाये गये नामजद
सीबीआइ सितंबर, 2017 से ही इस मामले की जांच कर रही है. अभी तक 18 एफआइआर दर्ज हो चुकी है, जिसमें 23 नामजद समेत अन्य को अज्ञात अभियुक्त बनाया गया है.
एक एफआइआर में सिर्फ 10 महिलाओं को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. इसमें सृजन संस्थान की अध्यक्ष शुभलक्ष्मी प्रसाद, सचिव रजनी प्रिया (पत्नी अमित कुमार, जो सृजन की प्रमुख स्व. मनोरमा देवी की बेटा है), सीमा देवी, जैसमिन खातून, राजरानी वर्मा, अर्पणा वर्मा, रूबी कुमारी, रानी देवी, सुनीता देवी और सुना देवी. ये सभी महिलाएं सृजन संस्थान से जुड़ी हुई हैं.
